खैरागढ़. केसीसी के लिए जारी ऋण प्रक्रिया के बाद न्याय योजना की पहली किश्त मिलते ही किसानो की भीड़ राशि निकालनें बैंक में किसानों को भीड़ उमड़ते ही स्थानी बस स्टैंड में बसों के लिए ही व्यवस्था गड़बड़ा गई। जिला सहकारी बैंक की तुगलकी फरमान के चलते किसानों कों भुगतान पाने टोकन के लिए बस स्टैंड के प्रतीक्षालय को अघोषित टोकन सेंटर बना दिया गया है।
सोमवार को यहां बड़ी संख्या में टोकन लेने किसानों की पहुंचने से बस स्टैंड की व्यवस्था प्रभावित हो गई। मोटर साइकिल, साइकिल में पहुंचे किसानों के वाहनों से पूरा बस स्टैंड भर गया। प्रतीक्षालय में किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके चलते बसों की आवाजाही बस स्टैण्ड में प्रभावित होने लगी तो दूसरी ओर प्रतीक्षालय में बसों कं इंतजार में ठहरे यात्रियों को भी बड़ी परेशानी उठानी पड़ी। किसानों को भी बैंक के बनाए नियमों से हलाकान होना पड़ा। गर्मी के बीच किसान टोकन के लिए जददोजहद करते रहे।
नही घुस पाई बसें, खड़ी बसें भी फंसी रही
बस स्टैंड में किसानों के वाहनों से पूरा बस स्टैण्ड भर गया। इस दौरान राजनांदगांव कवर्धा सहित डोंगरगढ़, धमधा, दूर्ग रूट की बसों के बस स्टैण्ड में घुसनें के लिए परेशानियाँ उठानी पड़ी। राजनांदगांव कवर्धा मार्ग सहित डोंगरगढ़ गातापार और धमधा मार्ग पर चलने वाली कई बसें भीड़ के कारण बस स्टैंड के अंदर ही नही घुस पाई। जिसके कारण यात्रियों को बस स्टैंड से बाहर ही बसें पकड़नी पड़ी। कई यात्री बसों के स्टैण्ड में नही आने के चलते दूसरी बस के आने के इंतजार में घंटों गर्मी में परेशान होते दिखे। इसके अलावा पहले से स्टैंड में खड़ी बसों के आजूबाजू और आगे पीछे भीड़ के वाहनों का रेला लगने से भी इन बसों को वहां से निकालने में मशक्कत करनी पड़ी। किसानों को बुलाकर कई वाहनों को हटाया गया। इसके बाद भी अव्यवस्था से यात्रियों, बसस्टैंड चालक परिचालकों सहित स्टैंड मुर्शिदों को परेशान होना पड़ा।
इधर किसानों को उठानी पड़ रही परेशानी
कोविड के बाद भले ही सभी विभागों की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही हो। पर जिला सहकारी बैंक प्रबंधन के तानाशाही रवैये से किसान परेशान हैं। भीषण गर्मी में अव्यवस्था की वजह से किसानों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य व केंद्र सरकार की नगद योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी किसान घंटों अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं। ज्यादातर बैंकों में जहां भारी भीड़ के बावजूद सिंगल विंडो सिस्टम है। वहीं जिला सहकारी बैंक में छोटी नगद राशि के लिए घँटों गर्मी और धूप के बाद खड़े होना पड़ता है।
प्रबंधन व्यवस्था बदलने तैयार नहीं
बदहाल व्यवस्था के बावजूद प्रबंधन इस व्यवस्था को बदलने के लिए तैयार नहीं है। कोविड प्रोटोकाल के दौरान बस स्टैंड परिसर में टोकन के लिए अस्थाई रूप से खोला गया। काउंटर अब स्थाई काउंटर में तब्दील हो चुका है। बैंक के ग्राहक पहले भीषण गर्मी और गंदगी के बीच इसी कॉउंटर में लाइन लगाते हैं। टोकन लेने के बाद अगली लाइन बैंक के बाहर लगती है। जहां अपनी बारी के लिए गर्मी में ही खड़ा होना पड़ता है। इसके बाद बैंक के भीतर से बुलावा आने पर अंदर प्रवेश मिलता है। जिला सहकारी बैंक का कैंपस काफी बड़ा है। जहां लोगों के लिए पर्याप्त जगह है। पर कैंपस में स्थाई व्यवस्था बनाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है
*सीएनआई न्यूज़ खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*


















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