नए-भवन में सेंट्रल-बैंक का शुभारंभ-"शुभ"-नही रहा मंगलवार को भी बैंक का सर्वर-लिंक रहा पूरी तरह से फेल...ग्राहक-लगे गरियाने।
बैंक के सामने बेतरतीब-तरीके से मोटरसाइकिल-कार-ऑटो खड़ी रही..बैंक प्रबंधन दिखा लापरवाह दुर्घटनाओं को आमंत्रित करता बैंक प्रबंधन।
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
कोटा....नगर का सबसे पुराने बैंक सेंट्रल-बैंक-आफ इंडिया करगीरोड-कोटा शाखा का सोमवार को महाशक्ति-चौक के पास एक नए-भवन में नई साज-सज्जा के साथ शुभारंभ हुआ..पर नए भवन में सेंट्रल बैंक का शुभ मुहूर्त में शुभारंभ होना "शुभ" नही रहा..शुभारंभ के पहले दिन ही बैंक का लिंक फेल हो गया था..
जिससे कि आसपास के ग्रामीण-क्षेत्र के महिला-पुरुष ग्राहक हलाकान हुए मंगलवार को भी सेंट्रल बैंक का सर्वर-प्रॉब्लम के फेल होने से बैंक के नगर के रेगुलर-ग्राहकों सहित आसपास के ग्रामीण-इलाकों के लोगो को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा..बातचीत के दौरान बैंक के बाहर खड़े कुछ ग्रामीण महिला-पुरुष ने बताया कि आज भी बैंक में सर्वर की समस्या बैंक प्रबंधन द्वारा बताया जा रहा है,जो कि अगले 3-4 दिनों तक बने रहने की संभावना जताई जा रही है
जिसको लेकर कुछ ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बैंक-प्रबंधन को गरियाते हुए बाहर निकले..ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बैंक प्रबंधन शिफ्टिंग से पहले सर्वर की समस्या को सुलझा नही सकता था-? ऐसी भी क्या हड़बड़ी थी नए भवन में शिफ्टिंग होने की-? या फिर भवन कही भागा जा रहा था-? या फिर कुछ और वजह रही अब ये बात तो बैंक प्रबंधन ही बता सकता था..परेशान-ग्राहकों से बात किया करने के दौरान बैंक प्रबंधन अंदर से देख जरूर रहा था..पर सामने आकर सफाई देने में कतरा रहा था मंगलवार को भी बैंक संबंधित कार्य नही होने से इस भीषण-गर्मी में ग्राहक बैंक प्रबंधन को गरियाते हुए वापस अपने घर को चले गए।
सेंट्रल-बैंक के सामने सड़को पर ही बेतरतीब-तरीके से मोटरसाइकिल व अन्य वाहन खड़ी दिखाई दी जबकि भवन के नीचे तल पर पार्किंग की व्यवस्था बनाई गई है..सेंट्रल बैंक के बगल से ही बस स्टैंड के लिए रास्ता गया हुआ है एक प्रकार से अंधा मोड़ है..बसे तेजी से बस स्टैंड की तरफ जाती है..सड़को पर पहले से ही आटो खड़ी रहती है..सेंट्रल बैंक के खुलने से ग्राहकों द्वारा पार्किंग की जगह सड़को पर वाहन खड़े करने से कभी भी बड़ी-दुर्घटना हो सकती है..इस पर भी बैंक प्रबंधन को ध्यान देने की आवश्यकता है..इसके साथ-साथ कोटा-पुलिस को भी इस बारे में बैंक प्रबंधन से बात करने की आवश्यकता है।
*बैंक-प्रबंधन व बैंक के नवपदस्थ-प्रबंधक पर पुराने खाताधारक-ग्राहकों ने लगाए दुर्व्यवहार के आरोप:-------*
कोटा-नगर के ही व्यपारी आनंद अग्रवाल ने बताया कि मेडिकल के मामले को लेकर उन्हें हर हमेशा दिल्ली जाना पड़ता है..पिछले दो महीने से सेंट्रल-बैंक उन्हें एटीएम उपलब्ध नही करा पा रहा है पुराने भवन में भी बैंक प्रबंधन का यही हाल था..नए भवन में शिफ्ट होने से पहले सर्वर की समस्या को बैंक प्रबंधन को पहले सुधारना चाहिए था ग्राहकों की समस्या को सुधारने के बजाए बैंक प्रबंधन खासकर नवपदस्थ बैंक मैनेजर के द्वारा पुराने खाताधारकों से दुर्व्यवहार किया जाता है मेरे अलावा कोटा-नगर के ऐसे बहुत से पुराने खाताधारक है..जो की सेंट्रल बैंक में अपना खाता खोल रखे हुए हैं..बैंक के अधिकारी सहित कर्मचारी गण ग्राहकों से लगातार दुर्व्यवहार कर रहे हैं..आपातकालीन-स्थिति में बैंक प्रबंधन के द्वारा खाताधारकों का कोई सहयोग नही किया जाता है दिल्ली से वापसी होने के बाद मैं अपना खाता सेंट्रल-बैंक में बंद कर दूंगा..साथ ही बैंक प्रबंधन के खिलाफ लिखित-शिकायत रीजनल-प्रबंधन से किए जाने की बात कही..पिछले कुछ सालो में बैंक में पदस्थ हुए कुछ प्रबंधक-सहित बैंक के सहकर्मियों की कारगुजारियो के कारण सेंट्रल-बैंक विवादों में रह चुका है..इससे पहले सेंट्रल-बैंक के एक प्रबंधक को बैंक के ही महिला-सहकर्मी के साथ आपत्तिजनक-स्थिति में बैंक के पीछे एक किराए के घर पर मोहल्ले-वालों ने रंगे हाथ पकड़ा था..उच्च-अधिकारियों तक शिकायत पहुचने पर उक्त प्रबंधक का कुछ दिन के बाद तबादला हो गया था..उसके कुछ दिनों के बाद बैंक का ही कैशियर-क्लर्क पर कोटा की ही एक महिला ने शारीरिक-शोषण करने का आरोप लगाया गया..उक्त महिला के द्वारा बकायदा कोटा थाने में लिखित-शिकायत भी दर्ज कराई गई थी..शादीशुदा-रंगीले कैशियर बाबू को काफी देर तक थानेदार द्वारा-थाने में बैठाकर भी रखा गया था अंततः महिला के काफी मान-मनव्वल के बाद महिला के द्वारा शिकायत वापस लेने पर कैशियर बाबू बाल-बाल बचे कुछ दिनों के बाद कैशियर-बाबू का भी तबादला हो गया।
*बैंक के पुराने-खाताधारक-ग्राहक बैंक प्रबंधन के दुर्व्यवहार से "एचडीएफसी-बैंक" की तरफ भाग रहे:----*
आनंद-अग्रवाल के अलावा कोटा नगर के ऐसे बहुत से व्यपारी-रेगुलर खाताधारकों ने द्वारा बताया कि वर्तमान बैंक मैनेजर के द्वारा पुराने खाताधारकों को जानबूझकर नियम कानून में उलझाकर बैंकिग कार्य को लटकाया जा रहा है..जिससे व्यथित होकर हमे अपना खाता बंद करना पड़ रहा है नाका रोड के मेन रोड में खुले नवीन प्रायवेट-बैंक एचडीएफसी में खाता खुलवाने की बात पुराने खाताधारको द्वारा कही जा रही है..इस बारे में बैंक के रीजनल-प्रबंधन को चाहिए कि पुराने ग्राहकों के शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बैंक प्रबंधन पर उचित कार्रवाई करें..वरना बैंक के नए पुराने खाताधारक-ग्राहक प्राइवेट-बैंक की तरफ भागने लगेंगे इस संबंध में रायपुर सेंट्रल-बैंक के रीजनल-मैनेजर से फोन पर बात करने का प्रयास किया पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया।




















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