गुल्लीडाँड़ के गौठान में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया हरेली का त्योहार —मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य शुभम् पेंद्रो....
—जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही से सूरज यादव कि खास रिपोर्ट 
CNI NEWS जीपीएम/छत्तीसगढ़ की पहली पारंपरिक और हरियाली एवं खुशहाली का पर्व हरेली तिहार में भारी उत्साह और उमंग के साथ हरेली तिहार गुल्ली डाँड़ के गौठान में कृषि उपकरणों की पूजा, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की स्टॉल, गो मूत्र की खरीदी की शुरुआत की गई। इसके साथ हि कार्यक्रम में कबड्डी,नृत्य,गेढ़़ी दौड़,नारियल फेक आदि खेल-कूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई।
मरवाही विकास खण्ड के गुल्लीडाँड़ गौठान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। साथ ही जिले के अन्य गौठान में भी हरेली का कार्यक्रम रखा गया था।छत्तीसगढ़ की मान सम्मान, संस्कृति और अस्मिता से जुड़ा है, हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए इसे संजो के रखना है। हरेली तिहार के माध्यम से हम अपनी संस्कृति,पारंपरिक त्योहार है।
गोधन न्याय योजना के तहत गौठनों में गोबर खरीदी के जरिए बड़े पैमाने पर जैविक खाद का निर्माण और उसके उपयोग के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए अब गोमूत्र की 4 ₹ की दर से खरीदी भी शुरू की गई है। इससे कीट नियंत्रक उत्पाद, जीवामृत, ग्रोथ प्रमोटर बनाए जाएंगे, ताकि राज्य के किसानों को महंगे रासायनिक कीटनाशकों के बदले सस्ते दर पर जैविक कीटनाशक उपलब्ध हो सके। इसका उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन की विषाक्तता को कम करने के साथ ही खेती की लागत को भी कम करना है। अंधाधुंध रासायनिक खादों एवं रासायनिक कीटनाशकों का खेती में उपयोग होने से खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता खत्म हो रही है। भूमि की उर्वरा शक्ति घट रही है। खाद्य पदार्थों में विषाक्तता की मात्रा बढ़ रही है,जिसके कारण जन जीवन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
अब गौठनों में गोमूत्र की खरीदी कर प्रशिक्षित महिला समूह के माध्यम से इससे कीटनाशक उत्पाद, जीवामृत आदि तैयार किए जाएंगे, जिसे किसानों को रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। इन जैविक कीटनाशकों की कीमत बाजार में मिलने वाले महंगे रासायनिक कीटनाशक पेस्टिसाइड की कीमत से काफी कम होगी। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गोमूत्र कीटनाशक रासायनिक कीटनाशक का बहुत ही बेहतर और सस्ता विकल्प है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता, रासायनिक कीटनाशक से कई गुना अधिक होती है। खेतों में इसके छिड़काव से सभी प्रकार के कीटों के नियंत्रण में मदद मिलती है। पत्ती खाने वाले ,फल छेदक एवं तना छेदक कीटों के प्रति गोमूत्र कीटनाशक का उपयोग ज्यादा प्रभाव कारी है। इसका उपयोग कृषि, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।
सूरज यादव
CENTRAL NEWS INDIA CHANNEL
जिला ब्यूरो/संवाददाता
गौरेला पेंड्रा मरवाही छ.ग.
9617435197


















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