शिवराज सरकार में सिवनी पुलिस द्वारा आंदोलन कारी आदिवासी युवती के आंदोलन को कुचल कर लोकतंत्र की हत्या की।
सी एन आई न्यूज़ सिवनी से प्रवीण बघेल की रिपोर्ट
देश में प्रथम नागरिक आदिवा नोसी माननीय द्रोपती मुर्म है लेकिन शिवराज सरकार में मध्य प्रदेश में आदिवासियों के साथ अत्याचार दिनों दिन बढ़ते जा रहा है कुछ दिन पूर्व की घटना है की सिवनी के सिमरिया ग्राम के दो आदिवासियों की पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी अब आदिवासियों के साथ अत्याचार में प्रशासन तंत्र भी पीछे नहीं है वर्तमान में आदिवासी युवती प्रियंका उइके बरघाट में एक लान का संचालन कर रही थी उक्त लान को रातो रात कुछ दबंगो ने जेसीबी चला कर तोड़ दिया और लान का सामान भी चुरा लिया जिसकी शिकायत बरघाट पुलिस द्वारा नहीं लिखी गई तत्पश्चात उक्त घटना की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों को भी की गई किन्तु कोई कार्यवाही नहीं की गई मजबूरी में प्रियंका उइके सिवनी में आमरण अनशन पर बैठ गई आमरण अनशन के छठवें दिन दिनांक 25.7.2022 को सिवनी पुलिस दल बल के साथ आधी रात में आकर प्रियंका उइके पर अनशन तोड़ने के लिए दबाव बनाया गया डराया धमकाया गया और एक अपराधी की तरह खींचतान करके जबरदस्ती रात में खदेड़ा गया और अनशन स्थल में लगे टेंट में भी तोड़फोड़ कर ले जा लिया गया पुलिस के द्वारा बर्बरता पूर्वक बलपूर्वक आदिवासी युवती के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया जो पुलिस संविधान की रक्षा की शपथ लेती है अतः उन्हीं के द्वारा देश के संविधान को तार-तार कर दिया गया
आदिवासी युवती प्रियंका उइके की सिर्फ इतनी सी मांग थी की जिन दबंगों ने लान में तोड़फोड़ कर सामान चुराकर ले गए हैं उनके विरुद्ध एफ आई आर दर्ज की जावे किंतु पुलिस इससे परहेज करती रही एवं दबंगों के विरुद्ध आज दिनांक तक कोई कार्यवाही नहीं की आंदोलनकारी युवती का कहना है कि इसमें राजनीतिक रसूखदार लोगों का हाथ है इसलिए पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर रही है अब प्रियंका उईके अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के निवास के सामने आमरण अनशन करेगी एवं सिवनी पुलिस द्वारा की गई बर्बरता के बारे में भी शिवराज मामा को अवगत कराएगी एवं इस मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में भी याचिका प्रस्तुत की जावेगी।


















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