जगदीप धनखड़ उपराष्ट्रपति हेतु हुये निर्वाचित , 11 अगस्त को लेंगे शपथ
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली - देश के अगले उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के परिणाम निकल चुके हैं , इन नतीजों में एनडीए के उम्मीद्वार जगदीप धनखड़ ने भारी मतों से जीत हासिल की है। दोनों सदनों में राजग की मजबूत स्थिति को देखते हुये धनखड़ का जीतना पहले ही तय था। बता दें कि आज सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक उपराष्ट्रपति चुनाव हेतु मतदान संपन्न हुआ। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह , केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत लगभग 93 फीसदी सांसदों ने मतदान किया। सूत्रों के मुताबिक कुल 780 सांसदों में से 725 सांसदों ने मतदान किया।जबकि 50 से अधिक सांसदों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया। सुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी और भाई दुब्येंदु अधिकारी ने पार्टी की उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग बायकॉट की घोषणा के बावजूद भी वोटिंग की। वहीं बीजेपी सांसद शनि देओल और संजय धोत्रे ने स्वास्थ्य कारणों से वोट नहीं डाला। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी से मुलायम सिंह और बीएसपी से सफीकुर्र रहमान ने वोट नहीं डाला।इस चुनाव में एनडीए उम्मीद्वार जगदीप धनखड़ ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। उनको 528 वोट मिले , जबकि अल्वा को 182 वोट प्राप्त हुये वहीं 15 वोटों को रद्द कर दिया गया। एनडीए उम्मीद्वार जगदीप धनकड़ को करीब 74.46 फीसदी वोट मिले। पिछली बार उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार वेंकैया नायडू को लगभग 67 प्रतिशत वोट मिले थे , इस बार पिछले बार से लगभग 7.5 फीसदी ज्यादा वोट मिले हैं। जगदीप धनखड़ मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू की जगह लेंगे , जिनका कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है और नये उपराष्ट्रपति 11 अगस्त को शपथ लेंगे। बता दें कि उपराष्ट्रपति चुनाव में 780 सांसदों में से 725 ने मतदान किया। उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद देश के नये उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पीएम मोदी से मुलाकात की। पीएम ने उन्हें बधाई दी। पीएम के अलावा गृहमंत्री अमित शाह , राजनाथ सिंह , राहुल गांधी , राजस्थान सीएम अशोक गहलोत समेत कई नेताओं ने धनखड़ को बधाई दी। विपक्ष की उम्मीद्वार मार्गरेट अल्वा ने भी धनखड़ को नये उपराष्ट्रपति बनने पर बधाई दी।
गौरतलब है कि धनखड़ वर्ष 1989 के लोकसभा चुनाव में झुंझुनू से सांसद चुने जाने के बाद वर्ष 1990 में संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वे वीपी सिंह और चंद्रशेखर की सरकार में मंत्री भी रहे। वर्ष 1991 में धनखड़ जनता दल छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गये , वहीं वर्ष 1993 में वे अजमेर के किशनगढ़ से विधायक बने। इसके बाद वर्ष 2003 में वे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये। जुलाई 2019 में धनखड़ को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था और तब से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करने को लेकर वह अक्सर सुर्खियों में रहे हैं। धनखड़ के जीतने के बाद एक अजीब संयोग बना है। लोकसभा के अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति एक ही राज्य से हैं। वर्तमान में ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष हैं और वे राजस्थान के कोटा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति भी होते हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ राजस्थान के प्रभावशाली जाट समुदाय से ताल्लुक रखते हैं , उनकी पृष्ठभूमि समाजवादी रही है।


















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