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Saturday, August 20, 2022

पूरी राजधानी में भक्त रहें रहे श्रीकृष्ण भक्ति में

सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी की विशेष रिपोर्ट

रायपुर -आजश्रीकृष्ण जी का 5249 वां जन्मोत्सव है, इसलिए आज रात 12 बजे के बाद रात्रि के आठवें मुहुर्त में भगवान का जन्म हुआ।



भगवान कृष्ण की नीतियों के अनुसार कर्म नहीं करना भी एक कर्म ही है, और उसका फल अवश्य मिलता है , इसलिए सही दिशा में कर्म करते रहना चाहिए।

भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत युद्ध की शुरुआत में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, महाभारत युद्ध के पहले दिन अर्जुन ने जब कौरव पक्ष में भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, और कुटुम्ब के अन्य लोगों को देखा तो वे निराश गए थे।उस समय अर्जुन ने युद्ध करने का विचार ही छोड़ दिया था। अर्जुन ने श्री कृष्ण से कहा था कि वह युद्ध नहीं करना चाहते।तब श्रीकृष्ण ने अर्जुन की निराशा और उलझन को दूर करने केलिए गीता का उपदेश दिया था। गीता का उपदेश सुनने और समझने के बाद अर्जुन युद्ध के लिए तैयार हो गए थे।

आज राजधानी रायपुर के सभी मंदिरों में श्रद्धालगण सुबह से ही श्रीकृष्ण जी की भक्ति में डूबे दिखे।

राधाकृष्ण मंदिर, समता कालोनी, राधाकृष्ण मंदिर जवाहर नगर,जैतूसाव मठ, गोपाल मंदिर सदर बाजार, महामाया मंदिर, गणेश मंदिर बूढ़ातालाब, अग्रसेन चौक, सहित शहर के प्राचीन मंदिर श्री बांके बिहारी मंदिर चूड़ी लाईन में सुबह से रात्रि तक श्रृद्धालुओं का  जनसैलाब उमड़ा।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन उपवास रखने से पिछले जन्मों के पाप से मुक्ति मिलती है। साथ ही मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, उपवास इसलिए रखा जाता है ताकि भगवान की पूजा अर्चना करते समय मन शरीर और विचार शुद्ध रहें।

  शहर के अनेक स्थानों में दही हांडी उत्सव उल्लास के साथ मनाया गया।

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