चार पंचवर्षीय से सेखवा सरपंच लेकिन हर गली मोहल्ले में कीचड़ व गड्ढे ""गाँव के लोग तरस रहे सीसी रोड के लिए""
—जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही से सूरज यादव कि खास रिपोर्ट
CNI NEWS जीपीएम/सेखवा सरपंच सचिव की उदासीनता व मानहानि को लेकर आमजनता त्रस्त,
एक क्षेत्र साम्राज्य जो लगातार 20 वर्षों से पंचायत के विकास में समर्पित रहने का बीड़ा उठाये हैं ऐसे सेखवा ग्राम पंचायत के मुखिया लाखों में एक तो नजर आते हैं लेकिन यह कह दिया जाये कि "अंधेर नगरी सेखवा पंचायत" तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी जिसे बयाँ कर रहा है मरवाही जनपद का सबसे पिछड़ा पंचायत सेखवा पंचायत।ग्रामीणों की मानें तो 4 पंचवर्षीय से एक ही घर के पति पत्नी लगातार सरपंची करते चले आ रहे हैं लेकिन विकास की बात करें तो आज तक इस पंचायत में कहीं पर कोई विकास का कार्य नजर नहीं आ रहा है चारों तरफ गली मोहल्ले में कीचड़ ही कीचड़ और गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं और ऐसे रास्ते में ग्रामीणजन व स्कूली छात्र छात्रायें चलने के लिए मजबूर हैं गाड़ियों का आना जाना भी नहीं हो पाता है कभी कभार तो सायकल से लोग कीचड़ में गिर जाते हैं तो कभी स्कूली बच्चे कीचड़ में गिर जाने के कारण स्कूल पढ़ाई करने नहीं पहुँच पाते यह आलम है मरवाही के आखिरी छोर में बसा सेखवा पंचायत का जहाँ पंचायत पदाधिकारी विकास की तो लम्बी लम्बी बातें करते हैं लेकिन जनहित के कार्य व सुविधाएँ लोगों को उपलब्ध नहीं करा पाते।
ग्रामीणों ने बताया कि हर गली मोहल्ले में बरसात के दिनों में कीचड़ व गड्ढे हो जाते हैं तो गर्मी के दिनों में बड़े बड़े गड्ढों को पाटने के लिए पंचायत द्वारा कोई कार्य क्यों नहीं कराया जाता है? जो कि उनकी उदासीनता व मनमानी चरम पर है जब बरसात शुरू होती है तो बड़े बड़े गड्ढे हो जाने पर मजबूर होकर ग्रामीणजन आवागमन सुविधाजनक बनाने के लिए गड्ढे पाटने के लिए एवं सीसी रोड बनवाने के लिए कहते हैं तो मुरुम गिरवाकर छोड़ देते हैं जिससे गड्ढा तो पट जाता है लेकिन समयानुसार गर्मी में कार्य नहीं कराये जाने से बरसात में फिर से स्थिति जस की तस हो जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली गाड़ियाँ,सिलेण्डर की गाड़ियाँ गाँव के मोहल्ले तक नहीं पहुँच पाती जिससे आमजनता को सुविधाएँ तक नहीं मिल पाती है और स्कूली बच्चे परेशानियों का सामना करते हुये कई बार सायकल से कीचड़ में गिरते नजर आ जाते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि जब जिले के प्रभारी मंत्री जय सिंह अग्रवाल का आगमन सेखवा में हुआ था उस दौरान पंचायत उपसरपंच के लेटर पेड से पंचायत ,जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर ग्राम पंचायत से कोटमी पेण्ड्रा पहुंच मुख्य सड़क तक एवं अकाल सिंह पोर्ते घर तक सी सी रोड की माँग की गई थी उस बीच प्रभारी मंत्री द्वारा विशेष ध्यान दिया गया और कुछ दिनों के बाद जनपद पंचायत मरवाही के सीईओ द्वारा पंचायत को एक आदेश जारीकर सम्बन्धित सी सी रोड के लिए पंचायत द्वारा प्रस्ताव व नक्शा खसरा जमा करने हेतु आदेशित किया गया था।ग्रामसभा में सम्बन्धित सी सी रोड हेतु प्रस्ताव पारित किया गया लेकिन आज तक सी सी रोड का कोई पता नहीं चला। साफ जाहिर होता है कि पंचायत का रवैया उदासीनतापूर्ण है। अवसर मिलने की स्थिति में भी कार्य नहीं कराये जा सकते हैं।
मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने जब सेखवा पहुँचकर अकाल सिंह पोर्ते,प्रकाश विश्वकर्मा,जानकी बाई,प्रकाशश्रीवास्तव,जनप्रतिनिधि सीताराम कैवर्त,जगदीश कैवर्त सहित गाँव के कई ग्रामीणों से बात की और गाँव की गली मोहल्ले का हाल देखा तो 20 वर्षों से सरपंच की कार्यप्रणाली देखकर हतप्रभ रह गये।लम्बी अवधि तक सरपंची दायित्व निभा रहे हैं लेकिन विकास के नाम पर अभी सेखवा पंचायत कोशों दूर है।कई गली मोहल्ले में जाकर समस्याओं को जानने का प्रयास किया तो चौधरी मोहल्ला,अरमान टोला,लोहरान टोला,धोबियान टोला के गलियों में बड़े बड़े गड्ढे व कीचड़ ही कीचड़ नजर आये इन गलियों में सी सी रोड का कोई अता पता नहीं है और ग्रामीणजन समस्याओं को लेकर सरपंच सचिव से त्रस्त हैं।कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नल जल योजना अन्तर्गत 48 लाख का पानी टंकी चौरा के पास बना जो आज शोपीश बनकर रह गया है 3 साल से इस योजना का कोई लाभ नहीं मिला केवल सरकारी पैसे की बर्बादी नजर आती है।अभी वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत पुनः उसी सप्लाई में घर घर नल लगाने का कार्य पंचायत के लोग करा रहे हैं लेकिन इस कार्य पर भी कोई भरोसा नहीं है कि बस्ती अंदर के लोगों को नल से पानी मिल सके।
ग्रामीणों ने कहा है कि इस पंचायत पर भी विभाग के प्रशासनिक अधिकारी ध्यान देकर विकास के कार्य कराने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें और पंचायत के सरपंच सचिव की कार्यप्रणाली पर ध्यान दें जिससे गाँव का समुचित विकास हो सके।


















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