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Wednesday, September 28, 2022

रामनगरी को मिली लता मंगेश्कर चौक की सौगात

 रामनगरी को मिली लता मंगेश्कर चौक की सौगात



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


अयोध्या - भारत रत्न से सम्मानित सुर कोकिला लता मंगेश्कर के 93 वें जन्मदिवस के अवसर पर आज सरयू तट के किनारे नया घाट क्षेत्र में स्थित लता मंगेशकर चौक का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी ने संयुक्त रूप से किया।


वीणा का डिजाइन तैयार करने वाले रामसुतार , लता के भतीजा आदिनाथ मंगेश्कर और बहु कृष्णा मंगेश्कर सहित कई नेता भी लता मंगेशकर चौक के लोकार्पण समारोह में पहुंचे। सीएम योगी ने संस्कृति विभाग की ओर से प्रकाशित ग्लोबल साइक्लोपीडिया आफ रामायण के दस पुस्तकों व अयोध्या विशेषांक का विमोचन भी किया। इसके पहले सीएम ने लता के चित्रपट पर दीप प्रज्जवलित कर पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं अयोध्या के संतों ने कहा कि लता मंगेशकर भारत रत्न हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम के बहुत भजन गाये हैं , उसके लिये हम सभी संत आये हुये हैं। लता मंगेशकर चौक के विरोध पर संतों ने कहा कि इस चौक का कोई विरोध नहीं है। बता दें कि कुछ खबरें आई थीं कि इसका साधु-संत विरोध कर रहे हैं।

        गौरतलब है कि सरयू नदी के तट पर स्थित नया घाट क्षेत्र को 7.9 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट से लता मंगेशकर चौक विकसित किया गया है। इस चौक का मुख्य आकर्षण ये है कि यहां कांसा एवं स्टेनलेस स्टील से निर्मित भारतीय संगीत वाद्ययंत्र 'वीणा' स्थापित किया गया है। वीणा पर मां लक्ष्मी व सरस्वती और मोर के चित्र के साथ साथ अन्य शास्त्रीय वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित हैं। इसकी लंबाई की बात करें तो ये 10.8 मीटर , जिसकी वजन 14 टन है और ऊंचाई 12 मीटर है। इसमें 92 कमल मकराना मार्बल के लगाये गये हैं , कमल की संख्या लता के आयु को प्रदर्शित कर रहे हैं। आठ पंखुडियों वाले कमल के बीच में एलईडी लाइट लगी है , जिससे रात में इनका दृश्य मनोरम दिख रहा है। इसका डिजाइन रामसुतार फाइन आर्ट लिमिटेड कंपनी द्वारा तैयार किया गया है और इसे नोएडा से अयोध्या पहुंचने में तीन दिन लगे थे। इस जगह का पर्यटक और संगीत प्रेमी आकर आनंद ले सकते हैं। ये देश की ऐसी पहली जगह होगी , जहां अमर सुरीली आवाजों को मंदिर शहर से जोड़ने के लिये इतना विशाल संगीत वाद्ययंत्र स्थापित किया गया है। इस चौराहे पर लाईट और साउंड का ऐसा समन्वय होगा कि यहां से लता द्वारा गाये श्रीराम के भजन और वीणा की मधुर ध्वनि लोगों को लगातार सुनाई देते रहेंगे। इस 'वीणा' को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित राम सुतार ने बनाया है , जिसे सम्मानित भी किया गया। लता मंगेश्कर के निधन के बाद सीएम योगी ने खुद उनके नाम पर चौक का ऐलान किया था। राम कथा पार्क में लता के जीवन पर आधारित 36 तस्वीरों की प्रदर्शनी का अवलोकन सीएम सहित कार्यक्रम में आये सभी लोगों ने किया। यये सभी तस्वीरों को फिल्म अभिलेखागार और मंगेशकर परिवार और पीएम कार्यालय ने उपलब्ध कराया है। इस दौरान लता मंगेशकर चौक के निर्माण से लेकर एक लघु फ़िल्म दिखाई गई। लता द्वारा गाये श्रीराम के तीन प्रमुख गीतों को सुनकर लोग भावभिभोर दिखे।


प्रेरणास्थली की तरह कार्य करेगा लता चौक - पीएम


रामकथा पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिकार्डेड विशेष वीडियो प्रसारित किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि मुझे याद है , जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये भूमिपूजन संपन्न हुआ था , उसके बाद मेरे पास लता दीदी का फोन आया था। वो इससे बहुत खुश और आनंद में थी। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि आखिरकार प्रभु श्रीराम के मंदिर का निर्माण शुरू हो रहा है। पीएम ने आगे कहा कि लता दीदी के साथ मेरी कितनी ही यादें जुड़ी हैं। कितनी ही भावुक और स्नेहिल स्मृतियां हैं। जब भी कभी मेरी उनसे बात होती थी, उनकी वाणी की युग-परिचित मिठास हर बार मुझे मंत्र-मुग्ध कर देती थी। वे मां सरस्वती की ऐसी ही साधिका थीं, जिन्होंने अपने दिव्य स्वर से पूरे विश्व को अभिभूत कर दिया। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि लता दीदी के नाम पर बना ये चौक हमारे देश में कला जगत से जुड़े लोगों के लियै एक प्रेरणा स्थली की तरह कार्य करेगा। ये उनको बतायेगा कि भारत की जड़ों से जुड़े रहकर और आधुनिकता की ओर बढ़ते हुये भारत की कला और संस्कृति को दुनियां के कोने-कोने तक पहुंचाना, ये भी हमारा कर्तव्य है।

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