सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी
दीपावली भारत में हिन्दूओं के द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा और प्रमुख त्यौहार है।
कार्तिक मास की अमावस्या को भगवान श्रीराम चंद्र जी का 14 वनवास समाप्त हुआ और वे रावण का संहार कर अयोध्या लौटे थे।
भगवान के अयोध्या नगर आगमन पर पूरे अयोध्या वासियों द्वारा भगवान का स्वागत पूरी अयोध्या को दीपों से जगमग कर किया गया था।
यह महापर्व, अंधेरी रात को असंख्य दीपों की रोशनी से जगमगा देता है।
हिन्दूओं द्वारा इस दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन किया जाता है, और महालक्ष्मी देवी श्रीगणेश जी विद्या की देवी माता सरस्वती का पूजन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है।
मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी जी इस अमावस्या की अंधेरी रात में भूलोक में आती है। और स्वच्छ, सुंदर
और सुसज्जित घर में विश्राम करने के लिए ठहर जाती है।
महालक्ष्मी और महासरस्वती तथा गणेश जी की पूजा अर्चना कर सभी लोग धूमधाम के साथ दीवाली मनाते हैं।इस दिन नये कार्य की शुरुआत करना बहुत ही शुभ माना जाता है।
दीपावली के पूर्व लोगों द्वारा अपने घर की साफसफाई कर ली जाती है।
आज अपने घर-आंगन को रंगोली से सजाते हैं। मुख्य द्वार पर माता लक्ष्मी के पांव का चित्र बनाते हैं।
सभी लोगों द्वारा नये वस्त्र धारण कर पूजा की जाती है। पूजन के पश्चात प्रसाद बांटा जाता है और अपने से बड़ों का चरण स्पर्श कर आशिर्वाद लिया जाता है।
दीपावली त्यौहार भारत वर्ष के अलावा विदेशों में भी धूम धाम के साथ मनाया जाता है।
धार्मिक आस्था का यह त्यौहार हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है,
यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।


















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