सन् 1751 से अनवरत कवर्धा का शाही दशहरा धूमधाम से मनाया गया।
कवर्धा छत्तीसगढ़- भगवान राम लंका में रावण का वद्ध कर अयोध्या लौटे थे। असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक दशहरा का त्योहार के रूप में पूरे भारत में मनाया जाता है। कवर्धा में रियायत काल से राज परिवार द्वारा लोक परंपरा के अनुसार सन् 1751 में कवर्धा राज परिवार में राज गद्दी प्रारंभ हुई थी।
कवर्धा में आज भी राज परिवार द्वारा महाराज स्वर्गीय महाबली सिंह द्वारा परंपरा का वर्तमान राजा योगेश्वर राज सिंह द्वारा परंपरा का निर्वाह किया जा रहा है।
इसी क्रम में 5 अक्टूबर बुधवार को शाही हशहरा निकाला गया। राज महल से राजा योगेश्वर राज युवराज मेकलेश्वर राज सिंह रथ में सवार होकर विजय जूलूस में भगवान राम लक्ष्मण के साथ भ्रमण पर निकले। सरदार पटेल मैदान में 35 फिट ऊंचे रावण का दहन किया गया।
आतिशबाजी के साथ विशाल जूलूस में छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा बैगा नृत्य,पंथी नृत्य, डंडा नाच,डिजे,धुमाल बैण्ड बजा के साथ कवर्धा का भ्रमण किया गया।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट।





















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