*सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी*
छत्तीसगढ़ में चालू वर्षा ऋतु 2022 के दौरान ‘नदी तट वृक्षारोपण’ कार्यक्रम के तहत 26 विभिन्न नदियों के तट पर लगभग 15 लाख 41 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इसके रोपण से नदी तट के 01 हजार 400 हेक्टेयर रकबा हरीतिमा से आच्छादित और फल-फूल के पौधों से सुरभित होंगे, जो विशेष आकर्षण का केन्द्र होगा।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा नदी तट रोपण का कार्य किया गया। इनका रोपण कैम्पा तथा विभागीय मद सहित नदी तट वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत किया गया है। नदी तट रोपण कार्यक्रम के तहत चालू वर्ष के दौरान शामिल नदियों में शिवनाथ, फुलकदेई, केंदई, लीलागर नदी, महानदी, हसदेव, आगर, रेड नदी, मेघानाला, झींका नदी, मोरन, सोंढूर, बांकी नदी, गलफुला, हसदो नदी, नेउर नदी, केवई, खटम्बर, भैसुन, चूंदी, भवई नदी, बनास नदी, रांपा नदी तथा भुलू नदी आदि शामिल हैं।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री संजय शुक्ला ने बताया कि इनमें से बिलासपुर वृत्त अंतर्गत बिलासपुर, मरवाही, कोरबा, धरमजयगढ़ तथा जांजगीर-चांपा वन मंडल स्थित 8 नदियों के 263 हेक्टेयर रकबा में 2 लाख 89 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इसी तरह कांकेर वृत्त अंतर्गत 4 नदियों के 19 हेक्टेयर रकबा में 20 हजार 595 पौधे तथा रायपुर वृत्त अंतर्गत 2 नदियों के 29 हेक्टेयर रकबा में 31 हजार 900 पौधों का रोपण किया गया है। इसके अलावा सरगुजा वृत्त अंतर्गत सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया तथा मनेन्द्रगढ़ वन मंडल स्थित 12 नदियों के 1 हजार 76 हेक्टेयर रकबा में 11 लाख 84 हजार पौधों का रोपण किया गया है।


















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