पिथौरा- जान जोखिम में डाल बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, ग्रामीणों ने कहा प्रशासन खतरों के लेकर जरा भी गंभीर नही कार्यवाही नही करेगा तो फिर चक्काजाम व आंदोलन कि स्थिति निर्मित हो सकती है,
अनेको शिकायतों के बावजूद ब्लाक के निजी स्कूल पर अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करना संदेहों को जन्म देता है ग्रामीणों का मानना है कि अधिकारी मोटे कमीशनखोरी के चक्कर मे कार्यवाही करने से बच रहे है, विकाशखण्ड के सुदूर इलाके में स्थित बिजेमाल के सरहदी इलाका भतकुंडा मार्ग पर निजी स्कूल संचालित है जहाँ सीमित साधनों के एक निर्माणधीन स्कूल में अनजान खतरों के बीच बच्चे पढ़ाई कर रहे । भतकुंडा व विजयमाला इलाके के निजी स्कूल किड्स एजुकेशन स्कूल में करीब 100 बच्चे अध्यनरत है इसकी पुष्टि प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जांच रिपोर्ट में कर दी है , इसकी सूचना मिलने जांच रिपोर्ट में अमानक पाएं जाने बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा कार्यवाही नही करना उनकी निम्न कार्यप्रणाली को दर्शाता है,
ज्ञात हो कि इस बाबत बीते 7 सितंबर को निर्माण दिन स्कूल बगैर मान्यता के संचालित होने की खबर मीडिया में प्रकाशित की गई थी तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राकेश कुमार गोलछा ने भी इस मामले में संज्ञान लेकर नायाब तहसीलदार देवेंद्र नेताम को भेजकर जांच रिपोर्ट मंगवाई थी जिसमे एक भी बिंदु में स्कुल सही नही पाया गया लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी की लापरवाही के चलते स्कूल अभी भी संचालित हो रहा है।
उल्लेखनीय हो की उक्त निर्माणधीन भवन में कभी भी कोई हादसा हो सकता है इस संदर्भ में विकास खंड शिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार ठाकुर ने पत्रिका संवाददाता को बताया कि मैं स्वयं वहां जाकर स्कूल की जांच किया हूं स्कूल भवन अमानक है एक भी पाली लगाने के लायक है नहीं वहां बुनियादी सुविधाएं बिल्कुल नही हैं, वाहनें कंडम स्थिति में है मैंने इसकी जांच रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को बनाकर भेज दी है उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल में मान्यता से संबंधित कोई भी कागजात उन्होंने नहीं दिखाया इन सब की जांच रिपोर्ट उन्होंने उच्चाधिकारियों को दी है। कार्यवाही जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा ही कि जाएगी,
ज्ञात हो कि स्कूल में लगी वाहनें टाटा सूमो क्रमांक cg 12 D 0831, अन्य टाटा सूमो क्रमांक CG 22 AC 5291, टाटा मैजिक क्रमांक CG 06 T 0177 बेहद कंडम स्थिति में है इन्हीं वाहनों से बच्चों को साला लेकर आया जाता है इन वाहनों की फिटनेस पॉल्यूशन सेफ्टी फीचर की जांच की जानी चाहिये।
शिक्षा विभाग के इस ढिलमिल रवैये से अधिकतर ग्रामीण आक्रोशित है, ग्रामीणों ने कार्यवाही नही होने पर पुनः चक्काजाम करने का मन बना लिया है।



















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