स्थान .. छुरिया जिला राजनांदगांव छतीसगढ
रिपोर्टर ...राधेश्याम शर्मा
सांसद संतोष पांडे ने दिव्यांग युवा टेकराम सलामें को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
.छुरिया- ब्लाक मुख्यालय से सटे ग्राम पंचायत घोघरे के दिव्यांग युवा टेकराम सलामें पिछले पांच वर्षों से ग्राम घोघरे और आसपास के गांव में निःशुल्क शिक्षा दे रहें हैं। टेकराम यहीं नहीं रुके बल्कि कोरोना महामारी के दौरान भी बच्चों को शिक्षा देना नही छोड़े और निरंतर कार्य करते रहे। शिक्षक जब अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे तब पूरी स्कूल को चलाने की जिम्मेदारी बड़े ही सहज ढंग से उठाते थे। टेकराम सलामें के असाधारण कार्यों की प्रसंशा करते हुए सांसद ने प्रशस्ति पत्र देते हुए सम्मानित किया। और भविष्य में हर सम्भव मदद के लिए आश्वासन दिया।
ढंग से हाथ पैर नही चलता फिर भी गाँव के बच्चों को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली।
टेकराम सलामें शरीर से 85% प्रतिशत दिव्यांग है, भले ही इनके हाथ पैर काम नही करते, लेकिन इनके हौसले कभी कम नहीं हुए। जीवन के जिस कठिन दौर से गुजर कर टेकराम जिस तरह कार्य कर रहें हैं वह बिल्कुल अद्भुत है। आज के दौर में पढ़े-लिखे युवा स्वस्थ्य होते हुए भी इस तरह का कार्य नही करते, बल्कि पान ठेलों में समय व्यतीत कर देंगे लेकिन अपना समय गाँव के बच्चों को नही दे सकतें। टेकराम सिर्फ शिक्षा ही नही बल्कि गाँव की प्रत्येक गतिविधियों जैसे खेल, स्व्च्छता, नारी सशक्तिकरण, योगा, गीत, संगीत जैसे विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर बच्चों और युवाओं को मदद करते नजर आते हैं। वास्तव में टेकराम अंधेरों के बीच रहकर दीपक की तरह रोशनी प्रदान करते हैं। आज के युवाओं को टेकराम से सीखने की आवश्यकता है।


















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