संतो पर ही राष्ट्र निर्माण एवं व्यक्तित्व निर्माण का दायित्व होता है-संकर्षण शरणजी महराजविश्व कल्याण के दिव्य हवन का आयोजन
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर.....मां कामाख्या के परम उपासक एवं कामाख्या संस्थान के महंत सदगृहस्थ संत संंकर्षण शरण जी महाराज के सुखद सानिध्य में एक दिवसीय दिव्य हवन का भव्य आयोजन ग्राम लखराम के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित किया गया
प्रयागराज से पधारे सद्गुरु के मार्गदर्शन में विश्व कल्याण की मंगल कामना के साथ औषधि जड़ी बूटियों से फल,फूल दुबी,केला,पपीता, वस्त्र, आभूषण के माध्यम से भगवान को यज्ञ में आहुति समर्पित की गई,वैदिक ऋचाओं के सस्वर गायन से पूरा वातावरण भक्ति मय हो गया था। संपूर्ण ग्राम वासी इस कार्यक्रम में समर्पित भावना के साथ समवेत स्वर में सतगुरु भगवान की जयकारा लगाते हुए
यज्ञ में आहुति प्रदान कर रहे थे केदारनाथ गुप्ता एवं श्रीमती शशि गुप्ता के मुख्य संयोजन में आयोजित इस दिव्य हवन में दुर्ग भिलाई नोएडा रायपुर आदि से पधारे हुए उनके शिष्यों ने सद्गुरु भगवान के आगमन पर भव्य स्वागत सत्कार और उनका मंगलआरती किया,ग्रामवासी भी कतारबद्ध होकर गुरचरणो मे अपने शीश नवा कर सद्गुरु भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर महराज जी ने कहा की संत,व्यास,गुरु तथा सज्जन व्यक्ति जो कि ज्ञान,भक्ति धर्म.और कर्म के मार्ग पर चल रहे हैं,जो समाज को दिशा दे रहे हैं ऐसे संतो पर ही राष्ट्र निमार्ण और व्यक्तित्व निर्माण का गुरुतर दायित्व होता है, ऐसे सभी लोग ब्रम्ह की वाणी बोलते हैं ,
क्योंकि ब्रम्ह का अपना मुख नहीं होता,अपना रूप नहीं होता।ब्रम्ह इनके मुख से बोलता है।इस तरह के यज्ञ हवन से वातावरण शुद्ध तो होता ही इसके साथ ही मनुष्यों के शारीरीक और मानसीक संताप भी मिटते है।यज्ञ की प्रत्येक आहुतियां वातावरण के नाकारात्मक शक्तियों को समाप्त करती है जिसके कारण समाज मे आपसी प्रेम भाईचारा, सौहार्द भी बढते है।। यज्ञ भगवान् तक अपनी शुभभावनाए प्रेषित करने का सबसे सहज और सरल मार्ग है।हवन पश्चात भोग भंडारे का आयोजन किया गया,
जहा हजारो की संख्या मे ग्रामवासियों ने भोग प्रसाद प्राप्त किया।।इस अवसर पर नोएडा से तुषार गुप्ता, श्रीमती शिखा गुप्ता, भिलाई से रूपेन्द्र गुप्ता,हेमंत गुप्ता, जयंत गुप्ता, रायपुर से प्राणेश गुप्ता श्रीमती नीता गुप्ता, बिलासपुर से अश्विनी गुप्ता पूर्णिमा गुप्ता, मिनाक्षी गुप्ता, सचेत राम गुप्ता, दीनदयाल यादव,श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, सहित हजारो श्रद्धालु उपस्थित थे कार्यक्रम संचालन एवं आभार सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने किया।सर्वेभवन्तु सुखीनः के समवेत गायन से यज्ञनारायण को पूर्णाहुति समर्पित की गई।।






















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