महाकालेश्वर मंदिर मार्ग पर विराजित हैं बड़े गणेश।
सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी।
उज्जैन -प्रथम पूज्य गणपति बप्पा का यह मंदिर महाकालेश्वर मंदिर के पास स्थित है। बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु यहां शीश नवाने आते हैं।
यहां श्री गणेश जी की विशाल प्रतिमा विराजमान हैं।
गुड़ और मेथी के दानों से बनी है यह प्रतिमा
श्रीगणेश जी की यह प्रतिमा बनाने में सीमेंट का नहीं बल्कि इसमें इसमें गुड़
और मेथी दानों का प्रयोग किया गया है। गणेश जी की इस बड़ी प्रतिमा के निर्माण में मथुरा, अयोध्या, काशी, उज्जैन, द्वारका सहित पवित्र तीर्थ स्थलों की मिट्टी एवं जल लाकर मूर्ति के निर्माण में उपयोग किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मंदिर की स्थापना स्वतंत्रता सेनानी पं.सूर्यनारायण व्यास जी के अथक प्रयासों द्वारा हुई थी।
गणेश जी की इस प्रतिमा में भगवान की सूंड दक्षिणावर्ती है,यह मूर्ति 18 फीट ऊंची है, भगवान के कान विशाल है और गले में पुष्प माला सुशोभित है।
जानकारी के अनुसार जिन बहनों को भाई नहीं होते हैं वे बड़े गणेश जी को अपना भाई मानती है, और हर राखी पर्व पर भगवान को राखी भेजती है। यहां देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बहनों द्वारा राखी भेजी जाती है।



















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