आदिवासी महासभा द्वारा ग्राम चिन्तागुफा में एक आम सभा का आयोजन किया गया था।
सुकमा! आज दिनांक 24 फरवरी 2023 को आदिवासी महासभा द्वारा ग्राम चिन्तागुफा में एक आम सभा का आयोजन किया गया था। इसके लिए जिला दंडाधिकारी को अनुमति देने हेतु आवेदन दिनांक 21 फरवरी 2023 को दिया गया था। किंतु सुरक्षा का बहाना बनाकर नक्सली ग्रामीणों के साथ आ सकते हैं, जिसमें खतरा हो सकता है, इस तरह की भाषा का उपयोग करते हुए आवेदन पत्र को खारिज किया गया।
चिन्तागुफा की सभा को प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देने के पीछे सीधे और स्पष्ट कहें तो इसमें राजनीतिक है। चिन्तागुफा मे थाना और कैम्प है। चिंतागुफा से 5 किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग 5 कैम्प है, ग्राम मिनपा, बुर्कापाल, तेमलवाडा, करीगुंडम और पिड़मेल कैम्प । कुल मिलाकर थाना व वही का कैंप मिलाने से 7 पुलिस फोर्स के कैम्प है, जिसमें हजारों जवान रहते हैं तथा तैनात है। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा नक्सली आक्रमण का आशंका व्यक्त करें तो इससे बड़ा मजाक क्या हो सकता है। जबकि सुरक्षा के नाम से ये तमाम कैंप स्थापित किये गये हैं।
ये सब परिस्थितियों को ध्यान से देखने-समझने से एक चीज जाहिर तौर पर निष्कर्ष के रूप में सामने आता है कि अब पुलिस व फोर्स का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल होने लगा है।
भूमकाल विद्रोह के स्मृति में 12 फरवरी 2023 को डब्बाकोंटा में भी सभा हुई थी। जहाँ अभी-अभी नया कैम्प बैठाया गया है, वहां तो कोई आक्रमण नहीं हुआ, शांतिपूर्ण रूप से सभा हुई दरअसल यहां के मंत्री के अभी सेडर सताने लगा है, पुलिस व प्रशासन के आदेशों से पता लग रहा है।
महेश कुंजाम
भारतीय म्युनिस्ट पार्टी
राज्य परिषद सदस्य (छ.ग.)
जिला सुकमा (छ.ग.)


















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