मुंगेली से सुखबली खरे की रिपोर्ट
सेतगंगा फास्टरपुर पुलिस थाना कि सुरक्षा व्यवस्था।
सेतगंगा फास्टरपुर पुलिस थाना कि सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों भगवान भरोंसे चल रही है। थाना परिक्षेत्र में कुल 91 गांव सम्मलित है। जहां कि कुल जनसंख्या 112767 है। जिसमें अ वर्ग ग्राम 08, ब वर्ग ग्राम 13 स वर्ग ग्राम 62, विरान ग्राम 08, झगरालु ग्राम 12 है। थाना फास्टरपुर परिक्षेत्र में लम्बे समय से अवैध शराब एवं सट्टे का कारोबार सुलखियों में रहा है। वहीं फास्टरपुर पुलिस द्वारा इन अवैध करोबार पर अंकुश नही लगाया जा रहा है। जिसमें पुलिस प्रभारी कि भुमिका संदिग्ध नजर आ रही है। शिकायत पर छोटी मोटी कार्रवाही कर अपने कर्तव्य कि इति शीध कर ली जाती है। थाना क्षेत्र की आबादी लगातार बढ़ रही है इसी अनुपात में अपराध भी बढ़ रही है। इनके बावजुद राष्ट्रीय मार्ग और कई जिलों के लिए सीधे रास्ते के बीच इस थाने में पुलिस बल नही बड़ रहा है। सीमित पुलिस बल के कारण अपराधों पर नियंत्रण यहां काफी चुनौती पूर्ण होता है। भगौलिक स्थिती के कारण कई जिलों के अपराधियों की आवाजाही इसी क्षेत्र से होती है। इसी महत्वपूर्ण स्थिती को देखते हुए पुलिस बल की कमी की बात - मुंगेली जिलें के पूर्व वरिष्ट अधिकारियों ने भी स्वीकार करते रहें है और शासन के पास पुलिस बल बढ़ौत्तरी के लिए प्रस्ताव समय-समय पर भेजते रहें है । जनसंख्या व सुरक्षा का दायित्व नगर के इस एक मात्र थाना पर है इस थाना में शासन से जितना बल स्वीकृत है उससे आधे बल इस थाना में उपलब्ध है। वैसे भी अगर इस थाने को स्वीकृत बल पुरी तरह स्वीकृत कर दिये जाये तो भी इस थानें परिक्षेत्र की सुरक्षा करने में पुलिस प्रशासन को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इस कारण स्वीकृत बल से भी कही अधिक पुलिस बल इस थाने को चाहिए क्योकि इस थानें में 91 गांवों के ग्रामीणों की सुरक्षा व्यवस्था का दायित्व पुलिस रिकॉर्ड में थानें परिक्षेत्र में 08 गांव अति संवेदनशील माना जाता है क्योंकि इन गांवों में आये दिन छोटी-बड़ी कई तरह की घटनाएं व विवाद होते रहता है। नगर सहित आस-पास के यातायात की व्यवस्था इसी थानें की सुपूर्द है। वर्तमान में 01 निरीक्षक, 01 उपनिरीक्षक, 01 सकायत निरीक्षक, 06 प्रधान आरक्षक एवं 19 आरक्षक जिसमें 17 पुरूष एवं 02 महिला पदस्थ है। 06 प्रधान आरक्षक में से 02 प्रधान आरक्षक मुंगेली जिले के अन्य स्थानों में पदस्थ है। 19 में से 01 आरक्षक पेशी जाना, थाना से उप जेल मुजरिम की पेशी ले जाना आदी कार्यों पर व्यस्त रहते है। ऐसे में बल की कमी का फायदा असमाजिक तत्व और बदमाश उठानें में नही चुकते है। वहीं थाना परिक्षेत्र में कई छोटी-मोटी चोरियां व अन्य घटनाएं घटना आम बात हो गई है। बल की कमी के कारण आम लोगो को भय की वातावरण बना हुआ है। वर्तमान में बल स्वीकृत 01 निरीक्षक, 01 उपनिरीक्षक, 02 सहा. उपनिरीक्षक, 05 प्रधान आरक्षक एवं 38 आरक्षक पद इन थानें पर स्वीकृत है। प्रधान आरक्षक का पद में एक भी महिला नही होने से स्थानीय पुलिस प्रशासन को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। थाना फास्टरपुर परिक्षेत्र अपराधियों की दृष्टि से अति संवेदनाशील माना जाता है। यहां महिला अपराध भी अन्या थाना की तुलना में ज्यादा होता है। इस थाना में 02 महिला आरक्षक पदस्थ है ऐसे में महिला अपराधों कि विवेचना में परेशानी आना स्वभाविक है। यहां पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए सर्वसुविधा युक्त आवासीय भवन नही होने के कारण कई प्रकार से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रबुद्ध जनों के द्वारा थाना में बल की कमी सहित थाना के मुल समस्याओं के संदर्भ में अनेकों बार सम्बंधित उच्च अधिकारियों से चर्चा की जा चुकी है। उनके द्वारा आज पर्यन्त केवल कोरा आश्वासन मिलता रहा है।


















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