Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Tuesday, June 27, 2023

शंकराचार्य नारायणानंद के सानिध्य में कोठी घाट धाम में 3 जुलाई को मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव

 जिला सिवनी मध्यप्रदेश शंकराचार्य नारायणानंद के सानिध्य में कोठी घाट धाम में 3 जुलाई को मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा महोत्सव


सी एन आई न्यूज/सिवनी लखनादौन,पिठैरा आश्रम       

गुरु के प्रति समर्पण का पर्व है गुरु पूर्णिमा महोत्सवभगवान का विराट रूप ही मुक्ति का मार्ग है, सद्गुरु ही आत्मा का कराते हैं परमात्मा से मिलन

मनुष्य की आयु बहुत थोड़ी है उसमें भी रात रिया नींद में बीत जाती हैं भोग विलास में जीवन बीत जाता है दूसरों की मृत्यु देख कर भी अपनी मृत्यु का विचार नहीं करता वह इंद्रियों के सुख में फंसा रहता है उसे मानव जीवन के लक्ष्य का ध्यान ही नहीं रहता रहता। श्रीमद्भागवत पुराण में राजा परीक्षित ने सुखदेव जी से प्रश्न किया योग योगेश्वर आप मुक्ति के रहस्य को जानते हैं कृपा करके यह बताइए कि मनुष्य को मृत्यु का समय आने पर क्या करना चाहिए क्या सुनना चाहिए किस नाम का जाप करना चाहिए? इस प्रकार प्रश्न पूछने पर सुखदेव जी ने उत्तर दिया राजन आपने बहुत अच्छा प्रश्न किया इससे संसार का कल्याण होगा राजन मनुष्य की आयु बहुत थोड़ी है उसमें भी रात्रि अनिल में बीत जाती है भोग विलास में जीवन बीत जाता है दूसरों की मृत्यु देखकर भी अपनी व्यक्ति का विचार नहीं करना वह इंद्रियों के सुख में फंसा रहता है उसी मानव जीवन के लक्ष्य का ध्यान ही नहीं रहता उसका लक्ष्य केवल इस आवागमन की चक्र से मुक्त होकर परमात्मा से मिलने का होना चाहिए उसी एकाग्र मन से भगवान की कथाएं सुननी चाहिए उनके गांव का मनन और चिंतन करना चाहिए जीवन का कोई भी क्षण व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। अंत कॉल आने पर घबराना नहीं चाहिए यह घटना तो अवश्य होकर रहेगी यदि जन्म लिया है तो मरना भी पड़ेगा कुटुंब परिवार की आसक्ति त्याग देनी चाहिए ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए पवित्र जल में स्नान करना चाहिए आसन बिछाकर बैठ जाना चाहिए अन्यथा स्वास्थ्य अनुसार किसी साफ आराम स्थान पर बैठना चाहिए ओंकार का जाप करना चाहिए पुराणों को बस में करके विराट पुरुष का ध्यान करना चाहिए इस ध्यान का अर्थ है कि संपूर्ण जगत को भगवान रूप मानो अनुभव करो कि उसी में यह विश्व ब्रह्मांड दिखाई दे रहा है विराट भगवान के पद का मूल भाजपा ताल है एड़ी तथा पाद का अग्रभाग रसातल है दोनों गुल्च महाकाल है जंघा कला तिल है दोनों जानू सुतल है। दोनों एयरट दोनों गु

उरू अतल एवं वितल एवं व

और नाभी नव स्थल है

नभ स्थल है नव एवं नाभि यह व्यापक आकाश उस विराट की नाभि कितना है और ऐसे लाखों आकाश हैं विराट भगवान का वक्ष स्थल स्वर्ग लोक है मुख्य जनलोक है ललाट तप लोक है। और सिरका अग्रवाल सतलोक है नदियां विराट की नोन

नाडी यां है। वृक्ष वनस्पति रोए हैं ऊंट हाथी घोड़े गांव आदि उसके नखरे हैं

तथा भाइयों उसका श्वास है। रियाल उसकी गति है वह कर्म संसार है ब्राह्मण भगवान के मुख् है क्षत्रिय उसकी बाहु है वैश्य उरू है और शूद्र पैर है। सूर्य एवं चंद्रमा दो आंखें हैं ग्रह नक्षत्र तारामंडल समुद्र जीव पशु पक्षी सभी भगवान के शरीर के अंतर्गत हैं यह जो कुछ हुआ है जो हो रहा है तथा जो होगा वह भगवान के शरीर में ही होगा यह संपूर्ण विश्व ईश्वर के रूप दिखाई दे रहा है ईश्वर के अतिरिक्त कुछ नहीं है सब में परमात्मा समाया हुआ है चने का दाना पृथ्वी में बीज दीजिए उसमें दो-तीन दिन में अंकुर निकल आएगा इसका अर्थ है कि उसमें भी चेतना है अतः विश्व में विराट की धारणा करो अगर उस में छिपे हुए अंकुर के सागर सत्य की मूर्ति भगवान को प्राप्त कर सकते हैं फिर दोबारा जन्म नहीं लेना पड़ेगा। इसलिए संसार से पार लगाने वाली सद्गुरु ही है। आगामी 3 जुलाई 2023 हम समस्त भक्तों के भवसागर से उद्धार होने के लिए गुरु पूर्णिमा का पावन महोत्सव कोठी घाट धाम में अनंत श्री विभूषित काशी धर्म पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नारायणा नंद तीर्थ जी महाराज के सानिध्य में आयोजित हो रहा है गुरु पूर्णिमा का पावन महोत्सव अपने गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा भक्ति एवं समर्पण का पर्व है अतः सभी भक्त सादर आमंत्रित हैं। छब्बी लाल कमलेशिया ख़ास रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad