महासमुंद_हड़ताल में बैठे सहकारी सोसायटी संघ के कर्मचारियों से किसानों को धान का बीज और केसीसी ऋण वितरण में हो रही है दिक्कतें।
सहकारी सोसायटी संघ के कर्मचारियों के द्वारा हड़ताल में बैठने से जनकल्याणकारी योजना जैसे समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करना,सार्वजनिक वितरण प्रणाली खाद बीज,केसीसी ऋण वितरण, वर्मी कम्पोस्ट खाद आदि का सफल संचालन शत प्रतिशत किया जाता है। समय पर समस्या का हल नहीं होगा तो किसानों को समय पर बीज केसीसी ऋण वितरण खाद आदि की समस्या बढ़ जाएगी क्योंकि बरसात लग चुका है अगर उन्हें बीज नहीं मिलेगा खाद नहीं मिलेगा तो किसानों के लिए दिक्कतें पैदा होंगी।भारत एक कृषि प्रधान देश है सहकारिता के माध्यम से गांव के गरीब किसानों की निःस्वार्थ सेवा किया जाता है
अपनी तीन सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से दर्शाया गया है
(1) प्रदेश के 2058 सहकारियों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमितीकरण किया जाए।
(2) सरकारी कर्मचारियों की भांति समय पर नियमित वेतन दिया जाए।
(3) सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए-प्रदेश के 2058 सहकारी समितियों में कार्यरत कर्मचारी को बैंक के रिक्त पदों पर समिति के कर्मचारी को संविलियन के माध्यम से किया जाए, प्रदेश के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधी भर्ती पर रोक लगाई जाए।


















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