सुकमा में 5 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म पर भाजपा महिला मोर्चा बालोद द्वारा मुख्यमंत्री ,गृहमंत्री एवं मंत्री का पुतला दहन किया गया
सीएनआई न्यूज़ बालोद से उत्तम साहू
बालोद।सुकमा जिले के एर्राबोर थाना के पेटाकेबिन आदिवासी बालिका छात्रावास में 5 वर्ष की छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात में पारदर्शिता से जांच करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित बच्ची व उनके परिवारों को न्याय दिलाने की मांग करते हुए जिला मुख्यालय बालोद में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ,सुकमा जिले के कैबिनेट मंत्री कवासी लखमा का पुतला दहन किया गया।इस घटना को जिला भाजपा अध्यक्ष कृष्णकांत पवार ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए शर्मनाक बताया।उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ महतारी के दामन पर दाग लगा है।छत्तीसगढ़ आज कांग्रेस सरकार मे अपराध का गढ़ बन गया है उन्होंने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक षड्यंत्र के तहत इस मामले को दबाने और आरोपियों को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू ने कहा कि प्रदेश सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है प्रदेश से घटना की जांच हेतु भाजपा की एक समिति बनाई गई किंतु वहां जाने से रोकने हेतु सरकार ने पूरी व्यवस्था की थी ताकि सत्य उजागर ना हो छात्रावास की
अधीक्षका व सहायक अधीक्षक का केवल निलंबन ही पर्याप्त नहीं है उन पर F I R हो और उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए।महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष दीपा साहू ने कहा कि एर्राबोर थाना के आदिवासी छात्रावास में पहली कक्षा की छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म की जांच होनी चाहिए ।आदिवासी विरोधी सरकार मामले में लीपापोती कर रही है सरकार मे मंत्री कवासी लखमा इतनी बड़ी घटना में संवेदनहीनता की प्रदर्शन करके घटना के बाद फीता काटते में मसगुल थे नाचा गम्मत में मसगुल रहने वाले मंत्री को पीड़ित बच्ची और उसके माता-पिता से मिलने प्रशासन को जांच के लिए निर्देश देने की फुर्सत नहीं मिली।महिला मोर्चा की पदाधिकारी खिलेश्वरी साहू,प्रतिभा चौधरी,लीला शर्मा, रश्मि साहू, सरोज गंगबेर, भानुमति साहू, मोहनी देवांगन, खिलेश्वरी कौशिक,चंद्रिका गंजीर,अंबिका यादव,सुनीता मनहर ने कहा कि इतनी बड़ी घटना में संवेदन हीनता प्रदेश सरकार व कांग्रेस के नेताओं को पीड़ित बच्ची से मिलने व संवेदना व्यक्त करने की फुर्सत नहीं है छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था चरमरा गई है सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आज छत्तीसगढ़ की बेटियां कहीं भी सुरक्षित क्यों नहीं है। सरकार की आंखों में शर्म मर चुकी है इतने बड़े छात्रावास में अबोध बालिकाओं की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है।महिला छात्रावास में पुरुषों को आना जाना लगा रहता है। एक कमरे में 40 से 50 बच्चियों को रहने, सोने, खाने, पीने और पढ़ने की व्यवस्था रखी गई है वहां आदिवासी बच्चियां नरकीय जीवन जी रही हैं और आदिवासी छात्रावास में महिला होमगार्ड की पदस्थापना नहीं है छत्तीसगढ़ की बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं है। सुकमा की घटना दरिंदगी और हैवानियत से भरी है छोटी सी बच्ची आज भी दर्द से परेशान हैं उत्तर प्रदेश में 5 लाख का मुआवजा देने वाले भूपेश बघेल ना कोई कांग्रेस का नेता पीड़ित परिवार से मिलने गया ना किसी मुआवजे का ऐलान हुआ। कांग्रेस सरकार मामले को दबाने का पूरी कोशिश कर रही है राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव के कानों में छत्तीसगढ़ की मासूम बच्ची का दर्द क्यों नहीं पहुंच रहा।इस दौरान मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव, मंत्री जयेश ठाकुर, प्रेम साहू, सुरेश निर्मलकर, सुरेन्द्र देशमुख, कमलेश सोनी, मणिकांत बघेल, अब्दुल इब्राहिम ,नरेंद्र सोनवानी, कमल पनपालिया, संजय साहू, रौनक कत्याल,सुनिता मनहर,कल्याणी कौशिक सुशीला यादव,निर्मला यादव,चंद्रप्रभा गुप्ता,गंगा शर्मा,प्रतिमा यादव,सुखवंतीन यादव ,कौशल्या मेश्राम ,सुदामा साहू, पिंकी रानी चंद्राकर सहित महिला मोर्चा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


















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