Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Sunday, July 2, 2023

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क हुई खराब, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है. इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे हादसों का सिलसिला शुरू हो चुका है.

 : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क हुई खराब, गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल



प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाई गई है.  इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे हादसों का सिलसिला शुरू हो चुका है.


बिलासपुर से सुरेंद्र मिश्रा 

बिलासपुर -बिलासपुर जिले में करोड़ों की लागत से बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कें उखड़ने लगी है.पंडरा पथरा से कोटा तक बनी 16.7 किमी की लम्बी सड़क जगह-जगह टूटने और उखड़ने लगी //1203.62 लाख की लागत मे बनी सड़क: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पंडरा पथरा रतखंडी बरर सल्का नवागांव से कोटा तक दो साल पहले सड़क बनी थी.16.7 किमी की सड़क तकरीबन 1203.62 लाख की लागत से बनाई गई थी.


इस सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए है पदुमपारा से नवागांव के जगहों से ये सड़क उखड़ने लगी है.03 कि.मी रोड का डामर पूरी तरह से गायब हो गया है.कई लोग तो इस सड़क के गड्ढे की वजह गिरकर चोटिल हो रहे हैं विभाग मानो थोक भाव मे लोगों के मरने का इंतजार कर रहा है।

2020 में बनी थी सड़क:सड़क निर्माण के बाद इसकी अवधि पांच साल बताई गई थी. इस रोड पर विभाग की ओर से बकायदा एक बोर्ड भी लगाया गया था. बोर्ड पर साफ तौर पर लिखा था कि रोड का निर्माण 20.05.2020 मई 2020 में किया गया है.5 साल तो दूर दूसरे साल ही इस सड़क की हालत खराब हो गई है.

// //यह भी पढ़ें:

गुणवत्ता का नहीं रखा गया ध्यान:प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़क लम्बे समय तक सही रहती है. हालांकि इस सड़क को देख ये धारणा अपने आप खत्म हो जाती है कि सरकारी सड़क निर्माण में गुणवत्ता का खासा ध्यान रखा जाता है. सड़क का निर्माण मानक के अनुरूप होता है, लेकिन आज 16.7 किमी लम्बी इस सड़क की हालत देख लोगों का यह यकीन डगमगाने लगा है.वहीं इस सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया है.सड़क खराब होने से हादसे बढ़ते हैं.

सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। दोनों किनारों पर बड़ी बड़ी झाड़ियां व मूज उग गए हैं। सड़क पर दशको पूर्व लगी पीच उखड़कर अब गिट्टीयों में तब्दील हो गई है। प्रसव पीड़ित महिलाओं बुजुर्ग और स्कूली बच्चों को आए दिन दुर्घटना और अनहोनी का डर सताते रहता है 16.7 किलोमीटर लंबी सड़क आज भी बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। लोगों ने बताया कि कई बार दोपहिया व तीन पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं। लोग आवागमन करने को विवश हो रहे हैं। जिससे आए दिन उन्हें दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है। मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे और पीच के नाम पर महज गिट्टियां बिखरे होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों उठानी पड़ती हैं लोगों को अपनी जान हथेली पर लेकर चलनी पड़ती है 

प्रधानमंत्री की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा 

बता दें कि इस रोड से करीब 64 गांव जुड़े हैं.इस रोड से होकर लोग कोटा बिलासपुर रायपुर आते जाते है.स्थिति ऐसी की 50 के स्पीड में चलने पर दोपहिया गाड़ी लहराने लगती है.लोगों ने बताया कि कई बार दोपहिया व तीन पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं.

भ्रष्टाचार के कारण सड़कें केवल नाम मात्र के लिए ही निर्मित की गई,जिसमें भारी भ्रष्टाचार हुआ। गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण से कुछ महीनों में ही सड़कों पर दरारें आ रहीं थी और जगह-जगह धंसने भी लगी हैं। अधिकारियों ने इस योजना को तिजोरी भरने का माध्यम बनाकर ठेकेदारों को घटिया निर्माण करने का लाइसेंस दे दिया है। जो सड़कें वर्तमान में बन रही हैं उसकी गुणवत्ता निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर जांचा जा सकता है वहीं कुछ साल बनी सड़कों की दुर्दशा घटिया निर्माण की कहानी खुद ही बयां कर रही हैं। पांच साल तक सड़कों के मेंटनेंस की जिम्मेदारी भी ठेकेदार पूरा नहीं कर रहे हैं। राज्य निर्माण के साथ ही जब से योजना शुरू हुई है अधिकारियों की मिलीभगत से ठेकेदारों ने जमकर कमाई की है।

शिकायतों को संज्ञान में लेने की जगह ठेकेदारों और कमीशन खोर अधिकारियों को उपकृत कर रहा है।सड़क घोटालों को छुपाने के लिए राज्य सरकार मरम्मत के लिए भी टेंडर जारी कर उन्हें कमाई का मौका देती है जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है।

 ग्रामीणों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से गुहार लगाई गई लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।अब किसी भी प्रकार से हल न निकलता देख ग्रामीण जनसुनवाई में कलेक्टर से इस बात की शिकायत करने की बात कह रहे जहां मुख्यमंत्री व तक इस बात की शिकायत किये जाने संबंधी चर्चा भी हुई।

विभाग की उदासीनता के कारण लोगों में आक्रोश बना हुआ है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad