Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Wednesday, August 23, 2023

अवंतिका नगरी-उज्जैन-श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी संवारी में सवार होकर सावन के प्रति सोमवार नगर भ्रमण


अवंतिका नगरी-उज्जैन-श्रीमहाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी संवारी में सवार होकर सावन के प्रति सोमवार नगर भ्रमण के साथ मोक्षदायिनी शिप्रा नदी रामघाट में महाकाल राजा के  जलअभिषेक-पूजा-आरती में लाखों श्रद्धालुभक्त होत है शामिल

सी एन आई न्यूज़ से संजू महाजन


अवंतिका नगरी-उज्जैन:- भारत के हृदय में बसे उज्जैन मध्यप्रदेश का हिस्सा है उज्जैन एक तीर्थ दर्शनीय स्थल है!



किंवदंती के अनुसार - शिप्रा नदी भगवान श्री विष्णु जी के रक्त से उत्पन्न हुई थी वेद पुराणों में शिप्रा नदी की महिमा का वर्णन किया जाता है! भगवान श्री विष्णु के अवतार परशुराम जी का जन्म जानापाव की पहाड़ी से माना जाता है,शिप्रा नदी के किनारे स्थित घाटों का भी पौराणिक महत्व है जिसमें रामघाट मुख्य घाट माना गया,कहते हैं 


भगवान श्रीराम ने अपने पिता दशरथ जी का श्राद्धकर्म और तर्पण किया था,इसके अलावा नरसिंह घाट,गंगा घाट और भी अनेक प्रमुख घाट है,शिप्रा नदी के किनारे स्थित सांदीपनी आश्रम में भगवान श्री कृष्ण,बड़े भैया बलराम और उनके परम मित्र सुदामा ने विद्या अध्ययन किया था,हिन्दू धर्मग्रंथों में वर्णित है कि राजा भर्तृहरि और गुरु गोरखनाथ ने भी इस पवित्र नदी के तट पर तपस्या से सिद्धि प्राप्त किया था, हर 12 वर्षों में मोक्षदायिनी मां शिप्रा नदी में कुंभ मेला का आयोजन होता है,सबसे बड़ा मेला जिसमें देश-विदेश के साधु-संत तपस्वी ऋषिमुनि आते हैं और बहुत ही ज्यादा तादात में श्रद्धालु भक्तो का जमावड़ा लगता है! 


 जानकारी के अनुसार - सावन माह के प्रति सोमवार उज्जैन महाकाल मंदिर से चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में सवार, हाथी में मनमहेश के रूप में और गरूड़ रथ में शिवतांडव रूप में विराजमान होकर उज्जैन का राजा अपने प्रजा का हाल चाल जानने नगर भ्रमण पर निकलते है!  

*तोपची देते हैं बाबा महाकाल के आने की सूचना*

बाबा महाकाल की पालकी सवारी में सबसे आगे तोपची रहते हैं,देते हैं आने की सूचना,जैसे ही पालकी संवारी आगे बढ़ती है वैसे ही तोप की आवाज इस बात का संदेश देते हैं कि सावधान हो जाएं उज्जैन के राजा महाकाल नगर भ्रमण पर पधार रहे हैं,पुलिस बल के जवानों द्वारा सलामी दी जाती है,शिप्रा नदी रामघाट पर जैसे ही बाबा महाकाल की सवारी पहुंचते हैं वैसे ही बाबा के दर्शन करने के लिए उमड़ते हैं लाखों श्रद्धालुभक्तगण बाबा महाकाल राजा के एक झलक देखने के साथ जयकारे का उद्घोष लगाते हैं और पुजारी पुरोहितों के द्वारा मोक्षदायिनी मां शिप्रा नदी रामघाट में विध-विधान से नदी के जल से जलअभिषेक-पूजन-आरती किया जाता है, फिर पालकी संवारी परंपरागत मार्ग से होते हुए वापस पुन महाकाल मंदिर पहुंचतीं है!

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad