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Thursday, August 17, 2023

पतंजलि वैलनेस यहां योग,आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, यज्ञ चिकित्सा ,एक्यूप्रेशर रूपी समन्वित चिकित्सक पद्धति द्वारा स्वास्थ्य साधकों को आरोग्य लाभ दिया जाता है।


पतंजलि वैलनेस यहां योग,आयुर्वेद, प्राकृतिक  चिकित्सा, यज्ञ चिकित्सा ,एक्यूप्रेशर रूपी समन्वित चिकित्सक पद्धति  द्वारा  स्वास्थ्य साधकों को आरोग्य लाभ दिया जाता है। 

सी एन आइ न्यूज़-पुरुषोतम जोशी ।

हरिद्वार -भोर की पावन बेला  में ही प्राकृतिक चिकित्सा एवं रोगानुसार योगाभ्यास से सभी साधकों को आरोग्य की यात्रा शुरु होती है। 

  स्वामी रामदेव जी महाराज एवं श्रृद्धेय आचार्य जी के नेतृत्व में प्रशिक्षित वैद्यों एवं योगाचार्यों द्वारा प्रामणिक चिकित्सा द्वारा सभी स्वास्थ्य साधकों को लाभ दिया जाता है। 


स्वास्थ्य साधकों का जीवन क्रम प्रात: 4 बजे से प्रारंभ होकर दिनभर विभिन्न प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था में भाग लेकर रात्रि 9.30 बजे समाप्त होता है। 

आदर्श दिनचर्या का पालन करने से स्वास्थ्य साधकों की   दिनचर्या को व्यवस्थित कर आगे निरंतर जारी रखने का संदेश दिया जाता है। 

1.जागरण -भोर 4बजे मंत्र उच्चारण कर भूमि को प्रणाम कर, प्रसन्न हृदय से इस सोच के साथ, मैं श्रृषियों की संतान हूं ।मै रोगी नही अपितु योगी हूं ।और मैं निश्चित रूप से स्वस्थ हो जाऊंगा ।

2.4.15से 5बजे तक -षट कर्म, एनीमा ।

3.5 बजे से 5.15 बजे -नींबू  

शहद पानी और रोगानुसार क्वाथ ।

4. 5.15 से7.30 बजे - वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रार्थनापूर्वक योग-चिकित्सा (यौगिक जांगिग आसन ,प्राणायाम एवं ध्यान, रोगानुसार -योग भवन में)  

5. 7.30  बजे से 8 बजे - वैद्यो द्वारा चिकित्सीय परामर्श एवं रोग परीक्षण एवं  चिकित्सा ।

6. 8 बजे से 8.30बजे मिट्टी  

चिकित्सा /पट्टी ।

7.8.30 बजे से 9.30 बजे -प्रात:कालीन अल्पाहार ।

8. 9.30 बजे से 1.00  बजे  -रोगानुसार पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा एक्यूप्रेशर चिकित्सा ।

9._दोपहर का भोजन -1 बजे से 2.15 बजे के बीच।

10. 2.15 बजे से 5बजे -मिट्टी चिकित्सा /पट्टी एवं अन्य चिकित्सा ।

11.2.30 बजे से 5 बजे -रोगानुसार पंचकर्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा ।

12.5 बजे से 5.30बजे -रस चिकित्सा ।

13. 5.30 बजे से 5.45 सामान्य विश्राम एवं भ्रमण ।

14._6 बजे से 7.30रोगानुसार योग ,आसन,प्राणायाम एवं ध्यान ।

15. 7.30से 8. बजे तक-समूह परामर्श चिकित्सा और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम ।

16. 8बजे से 8.15 -प्राथना,गायन,संगीत और ध्यान ।

17. 8.15 बजे से 9बजे तक रात्रि भोजन (रोगानुसार आहार चिकित्सा)  

18. 9 बजे से 9.30 बजे -रात्रि क्वाथ वितरण ।

   पतंजलि वैलनेस में पहुंचे सभी स्वास्थ्य साधकों को इस दिनचर्या के पालन से स्वास्थ्य आरोग्य लाभ प्रदान किया जाता है।

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