जहां निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के बीच मिलीभगत हो जाए वहां निर्माण कार्य का भगवान ही मालिक है।भेलव टिकरा सड़क जीता-जागता उदाहरण है
बेलगहना क्षेत्र में इन दिनों बारिश से ग्रामीण क्षेत्र की कच्ची सड़कें कीचड़ से सराबोर हो गई हैं
बिलासपुर से सुरेंद्र मिश्रा
बिलासपुर जिले के बेलगहना तहसील ग्राम पंचायत सक्ति बहरा मे फारेस्ट द्वारा भेलवा टिकरा मार्ग में बनाई गई नई सड़क ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। यहां सड़क बनाने के बहाने मात्र मिट्टी डाल दी गई है। सड़क में मुरूम नहीं डाली गई है और न ही इसमें रोलर चलाया गया है।
इससे लोगों को आने जाने में दिक्कत और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है की जब सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ तो उन्हें खुशी थी की आवागमन में सुविधा होगी लेकिन नई सड़क बनने से सुविधा कम समस्या ज्यादा हो रही है। इससे अच्छी तो पुरानी सड़क ही ठीक थी। ग्रामीणों में इस बात से नाराजगी है कि सड़क बनाने के नाम पर मिट्टी डाल दी गई है। बेमौसम बारिश के चलते जगह जगह गड्ढे हो गए हैं जिससे दुर्घटनाएं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा ग्राम पंचायत सक्ति बहरा मे भेलवा टिकरा से मिट्टू नवागांव तक सड़क पर मिट्टी कृत सड़क बनाई गई है जो लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है।
*गौरतलब है कि एक माह पहले जब यह रोड बनाया जा रहा था। इसके टिकाऊपन व काम की गुणवत्ता को लेकर सवालिया निशान लगने शुरु हो गए थे।विभागीय अधिकारियों से लेकर प्रशासन तक का ध्यान घपलेबाजी की ओर आकृष्ट कराया जा रहा था। बावजूद इसके ठेकेदार के साथ मिलीभगत किए बैठे विभाग के अधिकारियों ने अपने कानों से रुई बाहर नहीं निकाली।नतीजा यह रहा कि निर्माण के बाद अब मुरुम नाम की चीज मौके पर ढूंडे से मौजूद नहीं*
बेलगहना,हाईस्कूल,मिडिलस्कूल ,कालेज,ऑफिस,दैनिक,कर्मचारी,आमजन सभी को दिक्क़त का सामना करना पड़ता है क्योंकि मुख्य मार्ग कीचड़ से भरा रहता है।अब इसका खामियाजा छोटे-छोटे बच्चाें को भुगतना पड़ रहा है।500 मीटर लंबे कीचड़ भरे रास्ते में विद्यार्थी कई बार फिसल कर गिर जाते हैं। जिससे उनकी ड्रेस व बैग की सामग्री भी गंदी हो जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि वे सडक के सुधार के लिए कई बार संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि को मौखिक शिकायत कर चुके हैं। लेकिन किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने आज तक इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही इस मार्ग का निर्माण नहीं किया गया तो स्कूली विद्यार्थियों के साथ चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। छात्र छात्राओं ने कहा कि कीचड़ के कारण उनकी किताबें खराब हाे जाती हैं
स्थानीय निवासी ( वकील )राजेश तिवारी का कहना है कि सड़क में मिट्टी डाल दी गई है मुरूम आदि नहीं डाला गया है और न ही इसमें रोलर चलाया गया है जिससे बारिश के कारण जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों से राहगीरों को परेशानी हो रही है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। ग्रामीणों ने कहा सड़क को मुरूम आदि डालकर रोड रोलर से दबाना चाहिए ताकी सड़क समतल हो और दुर्घटनाएं ना हो। सड़क बिना मुरूम डाले व बिना रोलर चलाए बनाया गया
ग्रामीण अमीर खान ने बताया कि डेकेदार द्वारा मुरुम की जगह तालाबों से मिट्टी निकालकर सड़क पर डाल दी गई है। बारिश होते ही सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई। लोगों को घर से निकलने पर चप्पल हाथ में लेकर चलना पड़ रहा है। बाइक सड़क पर चलते हुए इधर-उधर चलती नजर आती है। बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत की मांग की है। ग्रामीण राजेंद तिवारी ने बताया मिट्टी को सड़क पर बिछाया।
ग्रामीण दिनेश तिवारी ने बताया हर साल ही हमारे गांव में कीचड़ के चलते ग्रामीणों को पैदल व दो पहिया वाहन में चलना दूभर हो गया है सड़क बारिश में पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है।जैसे तैसे रोड तो बन रही पर डेकेदार के द्वारा मुरुम मिश्रित मिट्टी डाली गई,बारिश होने से कीचड़ हो जा रहा है



















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