कवर्धा।
जिला जेल में बंदियों के लिये जेल समीक्षा दिवस के अवसर में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम श्री अमित प्रताप चंद्रा न्यायाधीश द्वारा बंदियों को यह जानकारी दी कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह जानने का प्रयास करना है कि बंदियों को उनके अधिकार एवं न्यायिक लाभ प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं। बंदियों के लिये लीगल एड डिफेंस कौंसिल की नियुक्ति की गई है। जिन बंदियों के मामले में अधिवक्ता नहीं हैं, उनकी ओर से लीगल एड डिफेंस कौंसिल मामले में पैरवी करेगा तथा जमानत आदि की कार्यवाही करेगा। छोटे अपराधों में निरुद्ध ऐसे बंदी, जो लम्बे समय से जेल में हैं, उन्हें जेल लोक अदालत में अपराध स्वीकारोक्ति के आधार पर रिहा हो सकने की जानकारी दी गई।
बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उनके मामले में पैरवी हेतु नि:शुल्क विधिक सेवा पैनल अधिवक्ता नियुक्त करा पाने के अधिकारों के विषय में जानकारी दी गई। और एक- एक बंदी को उसके प्रकरण कहा तक पहुंचा है इस विषय पर भी चर्चा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से नि:शुल्क विधिक सहायता जिला स्तर पर, उच्च न्यायालय स्तर पर तथा सर्वोच्च न्यायालय स्तर पर प्राप्त करने के बारे में बताया गया। सहायक जेल अधीक्षक श्री आर के बंजारे के द्वारा जिला सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम को यह जानकारी दी गई कि जेल निरीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर से बंदी लाभान्वित हो रहे हैं। जेल भ्रमण एवं विधिक साक्षरता शिविर में जेल कर्मचारीगण एवं पैरालीगल वालिंटियर्स उपस्थित रहे।
जेलर द्वारा यह भी जानकारी दी गई की रोजाना योग कराए जाने से बंदियों में काफी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, तथा बंदी योग करने को लेकर काफी उत्सुक रहते हैं।
ज्ञात हो कि माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रत्येक बुधवार जेल समीक्षा दिवस के तहत जिले की जेलों का निरीक्षण किया जाता है।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.