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Tuesday, April 9, 2024

हिन्दू नव वर्ष के बारे में बच्चों को विस्तार से बताया शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना में हिन्दू नव वर्ष मनाया गया

 

हिन्दू नव वर्ष के बारे में बच्चों को विस्तार से बताया




शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना में हिन्दू नव वर्ष मनाया गया


खैरागढ छुईहिन्दू नव वर्ष के बारे में बच्चों को विस्तार से बताया




शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना में हिन्दू नव वर्ष मनाया गया

 

खैरागढ छुईखदान गंडई।_शासकीय प्राथमिक शाला पुरेना संकुल केंद्र घिरघोली विकास खंड छुई खदान जिला केसीजी में प्रधान पाठक श्री तुलेश्वर कुमार सेन ने उपस्थित बच्चों को हिन्दू नव वर्ष के बारे में विस्तार से बताया।भारतीय संस्कृति में चैत नवरात्रि से नव वर्ष का शुभारंभ होता है।यह नव वर्ष अपने आप में बहुत सारे इतिहास के पन्नों में उल्लेखित है जैसे की ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था।भगवान श्री राम चंद्र जी का राज्य अभिषेक हुआ था।विक्रम संवत का शुभारंभ किया था।महराज युधिष्ठिर का राज्य अभिषेक हुआ था।आसमान पर खंगोलिय परिवर्तन होता है।प्रकृति में परिवर्तन नजर आता है।सन और विक्रम संवत में 57 वर्ष का अंतर होता है।आध्यात्मिक परिवर्तन का समय रहता है नवरात्रि होने के कारण नव देवियों का पूजा प्रार्थना का समय होता है।ज्योति कलश जलाया जाता है।मंदिरों में पूजा आराधना किया जाता है।अध्यात्म और विज्ञान की दृष्टि से महत्पूर्ण है क्योंकि दोनों एक दूसरे के पूरक होते हैं कुछ भी नए कार्य की शुरुवात का उत्तम समय होता है।शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने का समय होता है।नववर्ष की शुरुवात दिन में सूर्य की किरणों के साथ होता है जबकि जिस अंग्रेजी कैलेंडर के बारे में हम जानते हैं और मानते और मनाते हैं उसमें कुछ भी नया नहीं होता है। केवल दिसंबर से जनवरी बदलता है।आधी रात से शुरुवात करते हुए रात भर जागते हैं शराब,मांसाहार और  डीजे बजाकर शोर शराबा किया जाता है। नशेपान के कारण कई दुर्घटनाओं  का नजारा भी अगले दिन देखने को मिल जाता है।आप सभी लोग भी अपने घर में सभी लोगों को नववर्ष की बधाई शुभकामनाएं जरूर दीजिए अपने माता पिता,गुरुजनों और आपसे बड़े सभी लोगों को प्रणाम कीजिए उनका आशीर्वाद लीजिए।आज के कार्यक्रम में प्रधान पाठक श्री तुलेश्वर कुमार सेन,सहायक शिक्षक गोकुल राम वर्मा, अतिथि शिक्षक कुमारी ओगेश्वरी धुर्वे और शाला के छात्र छात्राएं शामिल हुए।

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