राजनांदगांव
राजनीतिक षड्यंत्र के चलते मुझे बदनाम करने की साजिश रची गई - श्रीमती गजभिए
शिकायतकर्ताओं ने माफीनामे में कबूला सच, भड़कावे में आकर की थी शिकायत।
राजनांदगांव। विगत माह अखबार में प्रकाशित एक खबर के मामले में नया खुलासा सामने आया है और शिकायतकर्ताओं ने ही किसी के बहकावे में आकर इस कृत्य को अंजाम दिया जिसका प्रमाण उन्होंने स्वयं किया है।
गौरतलब है कि स्थानीय ममतानगर निवासी श्रीमती संगीता गजभिए जो कि सदस्य राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग छ ग शासन में कार्यरत है ने शिकारीटोला निवासी अपने एक परिचित अंजोरी निषाद से कुछ रुपए उधार लिया था। बाद में उसने बताया कि मैंने ये पैसा कुछ लोगों से लेकर आपको दिया है। मामला जनवरी 2022 का है उस वक्त कोरोनाकाल अपने चरम पर था। इसके बाद उन लोगो ने अंजोरी निषाद के माध्यम से दिए गए उधार के बदले श्रीमती गजभिए को नौकरी लगाने की मांग करने लगे। जिससे उनका तनाव बढ़ गया और वह शासन को धोखा नहीं देना चाहती थी और उन्होंने इस बात पर ऐतराज जताया और कहा कि वे ऐसा नहीं कर सकती चाहे आप अपना पैसा वापस ले लो।
00 भड़कावे में आकर की शिकायत
जिसके बाद वे लोग टेडेसरा निवासी एक व्यक्ति के संपर्क में आए और उस नेता ने उन्हें नौकरी लगाने के नाम पर पैसा लेने की शिकायत करने को कहा और उन्हें भरोसा दिलाया कि अगर उन्होंने नौकरी नहीं लगाई तो मैं उसकी नौकरी खा जाऊंगा, उसे रोड में ला दूंगा। इस बात को सुन उन्होंने हामी भरते हुए शिकायत कर दी।
00 श्रीमती गजभिए ब्लड कैंसर की मरीज
राज्य बाल संरक्षण आयोग सदस्य छ ग शासन श्रीमती गजभिए विगत 7 सालो से ब्लड कैंसर से जूझ रही है। अचानक अखबार में खबर प्रकाशन के बाद से ही उनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति खराब हो गई। अपने साथ हुई इस मानहानि को लेकर उन्होंने उक्त व्यक्ति अंजोरी निषाद से मीटिंग करने को कहा और उनका पूरा लिया हुआ पैसा ब्याज सहित वापस लौटा दिया जिसके बाद उक्त शिकायतकर्ताओं ने श्रीमती गजभिए को माफीनामा लिखकर दे दिया और कबूल किया कि हमने किसी के बहकावे में आकर यह शिकायत की थी, जिसके लिए हम क्षमाप्रार्थी हैं। जरूरत पड़ने पर वे अपना पक्ष मीडिया के सामने भी रख सकते है।


















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