राजनीती का धोश दे कर रहा बेखौफ शराब परिवहन
आबकारी विभाग व पुलिस की मौन स्वीकृति मंथली लेकर दे रहे है छूट
सेल्समेन का कहना है की आबकारी विभाग जिसको देने को बोलते है उसी को शराब अधिक मात्रा मे दिया जाता है
छुरिया से राजू मंडावी की रिपोर्ट। †
छुरिया =छूरिया बताया जाता हैं एक राजनितिक सत्ता सरकार का धौस दिखाकर कर रहा शराब का बड़ा तस्करी अपने प्राइवेट कार पर जबकि पूर्व में पिता भी अन्य मामले मे जेल की हवा खा चुका है आखिर इतने बड़े पैमाने पर छुरिया शराब भट्टी से इस को बड़ी मात्रा में कैसे शराब उपलब्ध होता है छुरिया शराब भट्टी का मैनेजर शराब तस्करी करवानें का मास्टरमाइंड बताया जाता है मिलकर सरकार को लाखों की राजस्व हानी कर सरकार को लगा रहें चूना इन नुमाइंदों के ऊपर आखिर कार किसका आशीर्वाद प्रदान है छुरिया ब्लाक के अनेकों गांव में घर पहुंच सेवा प्रदान कर रहे हैं यह लोग क्या इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन व आबकारी विभाग को नहीं है लंबे समय से निरंतर तस्करी कर रहा हैं सरपंच पुत्र बताया जाता है पढ़े-लिखे होने के बावजूद भी सरपंच पुत्र अवैध कारोबार का रास्ता चुना है जिसमें अपना पूरा साम्राज्य फैला चुके है रात की काली अंधेरी मे ये अपने तस्करी का मायाजाल इस क़दर फ़ैला चुका हैं की रात भी इनके सामने नदमस्तक है हैरान करने वालीं बात यहां हैं ये सब आखिर किस राजनीतिक संरक्षण मे संचालित बेखौफ शराब परिवहन ये सोचनिय और गम्भीर विषय पर आधारित सवाल है क्या इनके ऊपर सवाल खड़े करने वालें को भी कोई गम्भीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं यहां बात इसलिए की इनके मायाजाल के आगे कुछ भी सम्भव प्रतीत होता नजर आता हैं क्या इस समाजिक बुराई से प्रदेश समाज नगर व आम जनमानस मे इनके कृत्य सहरानिय है व निंदिनय है व विचारनिय योग्य नही है किसी ना किसी को तों इन विषयों पर गम्भीर विचार करना होगा नहीं तो ये विष के सौदागर अपना ज़हर पुरा आम जानमानसा में विसाल वट वृक्ष बनकर फैल चुकें होंगे आमजानमानस का प्रतिनिधित्व करने वालों के लिए भी सोचनिय विषय प्रतीत होता है सुत्र तो यहां बताते हैं छूरिया शराब भट्टी के मैनेजर को जब बोला जाता है आप इतनी मात्रा में शराब को क्यों देते हो तो मैं किसी को माना नहीं कर सकता मतलब साफ है आबकारी विभाग से लेकर छूरिया भट्टी और पुलिस प्रशासन तक रास्ता एकदम किलियर है प्रतीत होता है आखिरकार लम्बे समय से एक ही स्थान पर मैनेजर जमे हुए जो है आबकारी संरक्षण में मनचाहा प्रसाद चढ़ाओ और एक ही स्थान पर वरदान पाव नगर के आखिरी छोर में शराब भट्टी होने से आठ सालों से एक ही जगह पर जमें मेनेजर का बल्ले बल्ले है अवैध शराब संचालन में जो सरकार शराब बंदी की बात करतीं थी विपक्ष मे वो अब मदहोशी की चादर ओढ़े नज़र आती है लम्बे समय तक आख़िर आबकारी विभाग कैसे शराब भट्टी कर्मचारीयों को एक जगह पर रखतीं हैं शयाद कुछेक अफ़सर साही को कोई बड़ा फायदा होता हों आबकारी विभाग महीने मे एक दों बार तफरी कर खानापूर्ति दिखवा वाला कर के निकल लेते है राजनीती का फायदा लिया जा रहा है.
को आखिर किसका आशीर्वाद प्रदान हैं आमजन में ये चर्चा जोरों पर है की सेल्समैन को इतने-इतने लम्बे समय तक आख़िर क्यों रखा गया है


















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