भूपेन्द्र सिन्हा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा में फैली अव्यवस्था में सुधार लाने जमकर किया विरोध प्रदर्शन।
न्याय के लिय सड़को पर उतरे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र/पुत्री
राज्यपाल एवम मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौपा ज्ञापन
गरियाबंद/ छुरा:- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा में फैली अव्यवस्था, मरीजों के साथ दुर्व्यवहार एवं उचित उपचार, स्त्रीरोग विशेषज्ञ, सोनोग्राफी, ब्लड स्टोरेज वाटर हीटर जैसे निम्न बिंदुओं को लेकर छत्तीसगढ़ शाकंभरी सेवा संस्थान के संस्थापक समाज सेवक मनोज पटेल एवं आत्माराम ठाकुर आदिवासी किसान की अगुवाई में सैकड़ों कमार, भुंजिया, आदिवासी समाज और सर्व समाज के लोग, जनप्रतिनिधि सहित एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर शासन प्रशासन को सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने छुरा बस स्टेंड में जमकर नारे बाजी कर महामहिम राज्यपाल एवम मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
सरकार महिला सशक्तिकरण की बात करती है आज महिलाओ के ऊपर जिस प्रकार से अत्याचार हो रहा है इससे महिलाए सुरक्षित नहीं है। महिलाओ के नाम महतारी वंदन क्या योजना लाई डिंडोरा पीट रहे है की महतारी वंदन योजना का लाभ दे रहे है। इससे महिलाओ का विकास हो रहा है,एक पेड़ मां के नाम और उसी न्याय की आस लिए दर दर की ठोकर खाने को मजबूर है। यह कैसा महिला सशक्तिकरण है। आज स्वास्थ्य व्यवस्था गरियाबंद जिले में इतनी खराब है की कमार समाज के लोग को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र/पुत्री है उनको मैदान पर उतरना पड़ा ऐसा पहली बार हुआ है।
सीताराम सोनवानी वरिष्ट समाज सेवक ने कहा की यह लड़ाई हमारी है हम गरीबों की है हम गरीब परिवार के लोगो की इतनी हैसियत नहीं की निजी अस्पताल में अपना इलाज करा सके आज गरियाबंद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी खराब है की मजबूरी में निजी अस्पताल जाना पड़ता है आज हमारे समाज के लोगो के साथ कई तरह की घटनाएं घट रही है।लोग तो डाक्टर को भगवान मानते है लेकिन यही लोग जानबूझकर गरीब मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते है। ऐसे कई मामले है जिनको कहते सुनते आंखो से आंसू आ जाते है।
उमेंदी कोर्राम अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद गरियाबंद ने अपने संबोधन में कहा की जिला प्रशासन भी लगातार पीवीटीजी योजना के तहत विशेष,पिछड़ी जनजाति परिवार को लाभ दिलाने का प्रयास कर रही है लेकिन ऐसा लगता है की यह सब केवल कागजों में हो रहा है सिर्फ दिखावा कर रहे है। आज राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र को सड़को पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है, प्रशासन की स्वास्थ्य व्यवस्था से संतुष्ट नहीं है हमे न्याय चाहिए ऐसे कई किस्से है आज हमारे समाज के लोगो को जो सुविधा स्वास्थ्य विभाग से मिलनी चाहिए वह नही मिलती दिख रही है। आज कमार समाज के लोगो को सड़को पर उतरने को मजबूर हो गए ऐसा इसलिए हुआ की उच्च पद पर बैठे अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे है और पीड़ित परिवार दर दर की ठोकर खाने को मजबूर हो रहे है।
निम्न बिंदु पर मांग की गई
अब तक तकनीकी स्वास्थ्य जांच एवं उच्च उपचार हेतु सुविधा उपलब्ध नहीं है जैसे स्त्री रोग विशेषज्ञ, सोनोग्राफी मशीन, ब्लड स्टोरेज, की अत्यंत आवश्यकता है।
इस दौरान सीताराम सोनवानी वरिष्ट समाज सेवक, उमेंदी कोर्राम अध्यक्ष अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद गरियाबंद, आत्माराम ठाकुर, बीरबल सोनवानी, हेमसिंग भुंजिया, करण, ग्वाल सिंग सोरी भुंजिया समाज अध्यक्ष, नरोत्तम ध्रुव, रमाशंकर कंवर, येवन दिवान, देवलाल कमार,धनसाय कमार ,वीरेंद्र ध्रुव, अध्यक्ष तहसील गरियाबंद, गजेंद्र पुजारी जिलाध्यक्ष आदिवासी विकास परिषद गरियाबंद, विष्णु नेताम जिला सचिव गरियाबंद, श्रीमती दुर्गेश सोम, ओमप्रकाश ध्रुव, लक्ष्मण कश्यप मीडिया प्रभारी, रेखराम ध्रुव आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता, श्रीमती सुकुमत बाई, कमली, रमती बाई, लक्ष्मी बाई, अनीशा, सुखमणि, फूलबाई, ललिता, धनेश्वरी, जोहरी बाई, भगवती, कौशल्या, दशरी बाई, देवांतीन, सुकली, सुखमत, लक्ष्मी बाई, रमतीला, श्यामाबाई कमार, फूलसिंह,लक्ष्मीराम, नवल, जनता राम, बिहान समूह की महिलाएं एवं विशेष पिछड़ी कमार, भुंजिया, आदिवासी गोंड, और सर्वसमाज के लोगों की उपस्थिति रही।




















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