पिथौरा।
रामदर्शन पब्लिक स्कूल जंघोरा पिथौरा में सेवानिवृत्ति के उपरांत सामाजिक सरोकार रखने वाले शिक्षकों का एक गरिमामय समारोह में सम्मान किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूल की छात्र छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया और गुरु की महिमा का बखान किया।
शाला प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल पुरुस्कृत शिक्षक गोपी राम टंडन, रमा शंकर दीक्षित, अनिल शर्मा, अनूप दीक्षित, शंभू शंकर मिश्रा, एमके दास, सुखी राम डड़सेना, केडी नाग, चंद्रशेखर साहू, सविता डे और सलमा अशरफी का शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए राम दर्शन पब्लिक स्कूल की संचालक कविता अग्रवाल ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में सकारात्मक समाज के निर्माण में सर्वाधिक सशक्त भूमिका का निर्वाह हमारे शिक्षक गण ही कर रहे हैं भले ही आज के वैज्ञानिक युग में ज्ञानार्जन के अनेक स्रोत उत्पन्न हो गए हैं किंतु आज भी शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों द्वारा दी जा रही शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। गूगल और व्हाट्सएप से जानकारी हासिल की जा सकती है किंतु सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है तथा बच्चों में नैतिकता और संस्कारों का बीजारोपण शिक्षकों के माध्यम से स्कूलों में ही होता है उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों से अनुरोध किया कि वे समय निकालकर रामदर्शन पब्लिक स्कूल आएं और शिक्षा के उच्चतम स्तर को हासिल करने के लिए अपने अमूल्य सुझाव प्रदान करें।
सेवानिवृत व्याख्याता अनूप दीक्षित ने धर्म ग्रंथो में प्रतिपादित की गई गुरु की महत्ता पर बोलते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य ने कहा है कि शिक्षक कभी साधारण नहीं होते निर्माण और प्रलय दोनों उसकी गोद में पलते हैं। प्राचीन समय में स्थापित गुरुकुल की परंपरा ने अब नया स्वरूप धारण कर लिया है। शिक्षक आज भी समाज के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। सभा को गोपी राम टंडन एवं सविता डे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन उमेश दीक्षित ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्राचार्य जे मेहेर ने किया।


















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