स्थान -मुरैना मध्य प्रदेश
संवाददाता -वीरेंद्र सिंह परिहार
शासन और प्रशासन की आँखे है नरम
विश्व का चौथा स्तंभ कहे जाने वाली मीडिया की खूब किरकरी वाले शासन प्रशासन को सुबह सुबह ठंडे पानी से उनके चेहरे धोने का काम करते मिडिया कर्मी है लेकिन फिर भी नहीं नींद से जाग रहा है शासन प्रशासन अपनी जान जोखिम में डालकर सही नियमन और प्रूफों के अनुसार सही टाइम पर खबरें ढूंढ कर लाते हैं फिर भी नहीं निगरानी करते हैं शासन और प्रशासन
बुजुर्गों ने सही कहा है कि जो लोग अपने मतलब के लिए काम करते हैं।
अम्बाह में रात के अंधेरे में किसानों का जीवन बना रहे अंधकार मय,
उपजाऊ जमीन को अवैध रूप से व निर्धारित मापदंड के विरुद्ध , 50 50 फीट तक जमीन से उठाई जा रही है मिट्टी।
जहां एक और अंचल को पीला सोने की संज्ञा दी गई है क्योंकि इसका एक कारण है कि प्रदेश में सबसे अधिक सरसों चंबल अंचल में सरसों बोई जाती है जिसके कारण चंबल अंचल को पीला सोने की संज्ञा दी गई है लेकिन अंबाह सड़क बाईपास निर्माण के लिए रेतीली मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है जबकि इसके स्थान पर नियमानुसार सिल्क मिट्टी का उपयोग किया जाता है, लेकिन वही एक और यह तो अवैध काम है ही दूसरी ओर किसानों की उपजाऊ मिट्टी का दोहन कर व अवैध रूप से सौ सौ फीट तक उपजाऊ गोचर भूमि को दबंग के द्वारा अंधेरे में बाईपास निर्माण में डंपरों के माध्यम से उपयोग की जा रही है जबकि इस गंभीर विषय पर शासन को ध्यान देना चाहिए। लेकिन प्रशासन और शासन कुंभकरण नींद सोया हुआ है जिसकी क्षति आने वाले पैदावारों पर पड़ेगी



















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