जनजाति समाज के गौरवशाली अतीत पर एक दिवसीय कार्यशाला
कुंजराम यादव बसना रिपोर्टर
सामाजिक 'आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित हुए ब्याख्यान
महाविद्यालयीन छात्र छात्राओं ने दी मनमोहक प्रस्तुति
अजाक्स के सदस्य व अतिथि चन्द्रहास नाग ने आधुनिक शिक्षा व नवाचार से प्रेरित किया
स्व. श्री जयदेव सतपथी शास. महाविद्यालय बसना में जनजाति समाज के गौरवशाली अतीत : ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दयामणि सिदार, विशिष्ट अतिथि चंद्रहाश नाग एवं मुख्य अभ्यगत आदित्य कानूनगो रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती व छत्तीसगढ़ के महतारी एवं जनजाति क्रांतिकारियों के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजन एवं वंदन से हुई। तत्पश्चात कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. क्रेसेंसिया बखला द्वारा जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान के प्रस्तावना को जय जोहार के साथ प्रस्तुत किया।
" कहीं तो कमी हो गयी, जो हम अपनों को ही भूल गये" जैसे शब्दो से जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत: ऐतिहासिक सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान के सार को संक्षेप में रेखांकित करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दयामणि सिदार ने जनजाति समाज के क्रांतिकारियों की भूमिका एवं बलिदान की सत्यता को सविस्तार जानकारी देते हुए उनके शौर्य एवं पराक्रम के विषय में बताया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि चंद्रहाश नाग ने जीवन में सफलता के छ: सूत्र के साथ आदिवासियों की सहज़ एवं सरल जीवनशेैली के विशेषताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि, आदिवासियों में कभी छल कपट नहीं पाया जाता है। आदिवासी मानव भी अन्य मानव की तरह है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा एवं नवाचार से सबको प्रेरित किया । महाविद्यालय के प्राचार्या डॉ. सुरेंद्र साव ने अपने उदबोधन में कहा कि, आदिवासी क्रांतिकारियो का ऐतिहासिक बलिदान किसी से छुपा नहीं है। आदिवासियों की संस्कृति को कैसे बचाया जाए, इस विषय पर विचार विमर्श करने पर जोर दिया गया। उद्बोधन के पाश्चात छात्र छात्राओं द्वारा आदिवासी संस्कृति की झलक के रूप में आदिवासी गीत एवं नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति दी गयी। कार्यक्रम का संचालन विजय कठाने द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार एवं धन्यवादी ज्ञापन संतोष कुमार घृतलहरे ने किया अन्त मे कार्यक्रम की समापन की घोषणा की गई।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.