गोविंद के रंग -बिरंगे गुलाबों की प्रदेश सहित अन्य राज्यों में बिखर रही खुशबू ।
सी एन आइ न्यूज पुरूषोत्तम जोशी। छ.ग.प्रदेश-गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है, इसकी वजह यह है कि दुनियाभर में गुलाब के फूल को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। गुलाब की पंखुडियों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं और यह मुहांसों को सूखने में मदद करता है। इसके साथ ही भगवान की पूजा-पाठ से लेकर कई स्किन एलर्जी और देशी इलाज के लिए भी इस फूल का इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि धमतरी जिले के कुरूद विकासखण्ड के ग्राम राखी के किसान गोविन्द चन्द्राकर ने गुलाब फूलों की बागवानी करने की मन में ठानी। इसके लिए उन्होंने उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन लिया और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड योजना के तहत अपने ढाई एकड़ रकबा में नेचुरल वेंटीलेटेड पॉली हाउस का निर्माण किया। कभी धान, दलहन और तिलहन की खेती करने वाले किसान अब गुलाब के फूलों से अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने में जुटे हैं।
किसान गोविन्द चन्द्राकर बताते हैं कि वे ड्रीप पद्धति के माध्यम से गुलाब की खेती पिछले तीन सालों से कर रहे हैं, इससे पानी की बचत तो होती ही है। उनके ढाई एकड़ रकबा में 9 लाख गुलाब स्टीक तैयार कर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में विक्रय किया, जिससे उन्हें 16 लाख रूपये की आमदनी हुई है। गोविन्द चन्द्राकर खुश होकर बताते हैं कि उन्हें गुलाबों से प्रति एकड़ चार लाख रूपये की शुद्ध आमदनी हो रही है। उनके गुलाब अन्य राज्यों में भी अपनी सुगंध बिखेर रहे हैं।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.