बालाघाट मध्य प्रदेश से
पत्रकार जूनियर हिंदुस्तानी की खबर,,,,,
कलम से समझौता नहीं
अपनी बात निडरता से,,, क्राइम रिपोर्टर,,,
-- सी, एन आई न्यूज़ --
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हर सोमवार 7:00 से
सवाल बना हुआ है
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--___ कब खत्म होगा माफिया राज। _______
,,, सवाल बना हुआ है ,,
आज देश में किस तरह से माफिया राजपनप रहा है यहां सच्चाई देश के सामने मीडिया ला रही है परंतु शासन प्रशासन माफिया राज खत्म करने में नाकामयाब नजर आ रहा है आखिर ऐसा क्यों कहीं रेत माफिया कहीं भू माफिया कहीं अवैध खनन में लगी बिना रॉयल्टी के दौड़ती गाड़ियां यहां सब देश के नजरों के सामने हो रहा है परंतु शासन प्रशासन इन्हें रोकने में कमजोर नजर आ रहा है परंतु सवाल यहां बनता है कि क्या कभी ऐसे माफिया खत्म होंगे क्या देश में रामराज का युग वापस आएगा क्या जनता जागरूक होगी ऐसे बहुत सारे सवाल बनते हैं इसी प्रकार का एक सवाल हम आपके सामने आज अपने समाचार के माध्यम से ला रहे हैं हमारे कार्यक्रम का शीर्षक ही सवाल बना हुआ है ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,, बालाघाट जिले में सक्रिय माफिया। ,,,,,,,,,
माने गांव में अवैध खनन के खिलाफ माननीय कलेक्टर महोदय से आवेदन किया गया अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए करोड़ों की जमीन को बचाने की एक अच्छी पहल शासन प्रशासन के द्वारा की गई कुछ दिन पूर्व ही हीरापुर माने गांव में खनिज विभाग के द्वारा कार्रवाई करते हुए हीरापुर से एक जेसीबी एक ट्रैक्टर जप्त किया गया इस तरह माने गांव में भी कुछ दिन पूर्व दो ट्रैक्टर के ऊपर कारवाई की गई यहां कार्य शासन प्रशासन का सारानिय है जिस तरह से मानेगांव और हीरापुर में अवैध खनन रोकने के लिए माफियाओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई परंतु सवाल यहां बनता है कि क्या छोटे-मोटे खनन माफियाओं के ऊपर शासन प्रशासन कार्रवाई करता है बड़े माफियाओं के ऊपर शासन प्रशासन क्यों करवाई नहीं करता सवाल बना हुआ है,,,,,,
,,, खनिज विभाग आंख मूंद के बैठा ,,,,,,,,
टेकाडी मानेगांव हीरापुर आंवला झरी भरवेली में कितनी सारी हो रही है प्लाटिंग इन प्लाटिंग में बिना रॉयल्टी से बड़े-बड़े डंपर एवं ट्रैक्टरों के माध्यम से खुलेआम भरन किया जा रहा है किसानों के खेतों से सरकारी जमीनों से बेधड़क यहां माफिया खुलेआम भरन करते हुए पाए जाते हैं बड़े अफसोस की बात है कि खुले एरिया में अवैध रूप से मिट्टी मुरूम डाली जा रही है सड़क के किनारो पर मिट्टी डाली जा रही है अधिकारियों का आना-जाना बना रहता है खनिज विभाग से लेकर के तहसीलदार एसडीएम एवं बड़े अधिकारी की नजरों के सामने अवैध रूप से बिना रॉयल्टी के बड़े-बड़े डंपरों से जमीन को ऊंचा एवं समतल करने के लिए अवैध रूप से भरन हो रहा है आखिर ऐसा क्यों क्या बड़े-बड़े डंपरों के मालिक पर या उन प्लाटो के मालिक पर शासन कार्यवाही करने से डर रहा है या मोटी रकम ले रहा है या किसी बात का डर अधिकारियों को हो रहा है यहां सवाल बना हुआ है आखिर कब बड़े माफियाओं के ऊपर नकेल कसी जाएगी खेतों से अवैध रूप से सरकारी जमीन से अवैध रूप से खनन करके बड़ी-बड़ी प्लाटिंग में अवैध लाभ अर्जित माफिया के द्वारा किया जा रहा है अगर नियम अनुसार इन माफियाओं के द्वारा रॉयल्टी लेकर के कार्य करें तो शासन प्रशासन को रॉयल्टी के रूप में एक बड़ी राशि प्राप्त हो सकती है जिस राशि से गांव का और देश का विकास अच्छे तरीके से हो सकता है परंतु यहां सवाल बना हुआ है कि इन बड़े माफिया को संरक्षण किसका मिल रहा है क्या राजनेता इनका संरक्षण दे रहे हैं या कोई गुंडा ताकत इनके साथ खड़ी है ऐसे बहुत सारे सवाल देश के सामने बने हुए हैं ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,, नियम अनुसार नहीं हो रही प्लाटिंग। ,,,,
आज किसानों को लालच देकर के उनके खेतों पर भू माफिया अपनी नजर बनाऐ बैठे हैं बहुत से किसानों की जमीन भू माफियाओं ने ले रखी है जहां पर कॉलोनी के लिए प्लांट की बिक्री खरीदी की जा रही है जहां पर कॉलोनी बना है वहां पर नियमों को तक पर रख करके प्लाटिंग की जा रही है प्लांट बेचे जा रहे हैं प्लाटिंग में पानी निकासी के लिए नालियां नहीं है बच्चों को खेलने के लिए गार्डन नहीं है ना ही किसी प्रकार का ट्रांसफॉर्म लगा करके कनेक्शन दिया जा रहा है इसके पूर्व माननीय कलेक्टर महोदय ने समस्या को गंभीर समझते हुए बहुत सारी प्लाटिंग अवैध रूप से घोषित की थी उसके बावजूद भी इन भू माफियाओं के द्वारा प्लाटिंग करके कॉलोनी बनाने के लिए जमीन बेची जा रही है इस और भी शासन प्रशासन का किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं है आखिर ऐसा क्यों सवाल बना हुआ है ,,,,, जब कोई घटना घटित हो जाती है तो प्रशासन की नींद खुलती है आनन फानन में ऐसी कार्रवाई की जाती है जिससे प्लाट खरीदने वाले विक्रेताओं को ही परेशानी का सामना करना पड़ता है भू माफिया तो बेच करके निकल जाता है आखिर गलती किसकी प्लाट खरीदने वाले विक्रेता की या उन अधिकारियों की जिनकी जिम्मेदारी ऐसे प्लाटिंग के ऊपर नजर रखने की है सवाल बना हुआ है। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
,,,,,,,, संगठन करेगा आवेदन। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,
जिस तरह से सर्वधर्म नारी शक्ति महासंघ के द्वारा माने गांव में अवैध रूप से खनन रोकने के लिए कलेक्टर महोदय अधिकारियों को आवेदन किया था अधिकारियों ने भी संज्ञान लेते हुए माने गांव में पूर्ण रूप से हो रहे खनन को बंद करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी इस तरह शासन प्रशासन को फिर अवैध रूप से चल रहे डंपर ट्रैक्टरों के ऊपर कार्रवाई करने के लिए गांव की सड़के खराब हो रही है सड़क हादसे इनके खनन से कोई गंभीर हादसा ना हो जाए इसी को आधार मानकर आने वाले समय में सर्वधर्म नारी शक्ति महासंघ फिर से एक बार सक्रिय होकर के माननीय कलेक्टर महोदय माननीय मुख्यमंत्री जी माननीय खनिज अधिकारी माननीय खनिज मंत्री को आवेदन देकर के अवैध खनन बंद करने के लिए संगठन की मीटिंग रख करके संगठन के पद अधिकारियों की सहमति के साथ निवेदन करेगा जिसकी जानकारी सर्वधर्म नारी शक्ति महासंघ उपाध्यक्ष जय डोंगरे ने दी,,, अब आगे देखना है कि संगठन के द्वारा आवेदन करने पर जिस तरह से माने गांव में पूर्ण रूप से प्रतिबंध लग गया है क्या इस तरह अवैध रूप से चल रहे है डंपर ट्रैक्टरों पर शासन प्रशासन कार्रवाई करके नियम अनुसार रॉयल्टी द्वारा खनन करवाता है या फिर जिस तरह से अवैध रूप से खनन चल रहा है यहां सिलसिला चलते ही रहता है यहां तो आने वाला समय ही बताएगा यहां परेशानी बालाघाट जिले के ही नहीं बल्कि पूरे भारत की है अवैध खनन एक घातक बीमारी की तरह लगा हुआ है जिसे देश में शक्ति से खत्म करने की जरूरत है,,,,सी, एन आई न्यूज़,,, के साथ जूनियर हिंदुस्तानी


















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