Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Monday, March 10, 2025

अजीब नौटंकी। ,,,, , सवाल बना हुआ है,,,

 बालाघाट मध्य प्रदेश से,

पत्रकार जूनियर हिंदुस्तानी की खबर 

 कलम से समझौता नहीं


।क्राइम रिपोर्टर। 

अपनी बात  निडरता से 

,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,


,,,,  अजीब नौटंकी।  ,,,,

 , सवाल बना हुआ है,,,




ग्राम पंचायत भरवेली की राजनीति में एक अलग प्रकार की नौटंकी चल रही है ग्राम पंचायत भरवेली की सरपंच गीत बिसेन के पति अनिल बिसेन का विरोध करते हुए पंचायत के 19 पंचों ने माननीय कलेक्टर महोदय जिला पंचायत को जनपद पंचायत सीईओ के पास में शिकायत शुक्रवार के दिन 7 तारीख को दर्ज करवाई की किस तरह से सरपंच पति की मनमानी चल रही है किस तरह से बिल वाउचर निकाल करके भ्रष्टाचार किया जा रहा है किस तरह से पंचों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है ऐसे बहुत सारे आरोप लगाते हुए ग्राम पंचायत के उप सरपंच एवं पंचो ने माननीय कलेक्टर महोदय के पास सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए आवेदन किया गया की किस तरह से पंचायत में सरपंच पति की मनमानी चल रही है किसी भी विकास कार्यों में किसी भी पंच को नहीं पूछा जाता है और ना ही बिल वाउचरों का मासिक मीटिंग की कोई जानकारी पंचों को नहीं दी जाती है ऐसे सवालों के साथ सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए आवेदन लेकर पहुंचे ,,, इस शिकायत में क्या कार्रवाई होगी इसके पहले भी कई बार उपसरपंच पंचोके द्वारा भ्रष्टाचार की शिकायत अधिकारियों से की गई परंतु आज तक किसी भी प्रकार से  सरपंच के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई यहां समाचार के माध्यम से उप सरपंच ने बतायाआखिर ऐसा क्यों सवाल बना हुआ है क्या आगे  महोदय जी इनके द्वारा जनसुनवाई में लगाई गई आवेदन पर संज्ञान लेंगे या मामला इसी तरह से जांच के नाम पर खानापूर्ति की जाएगी यहां तो आने वाला समय ही बताएगा,,,,,,,


,,,   नौटंकी करके शांत हो गए। ,,,,,


जिस तरह से आक्रोश पंचों के व्यवहार से नजर आ रहा था वहां आक्रोश कहीं ना कहीं समझौते के रूप में बदल गया है बहुत से पंचों ने अपना समर्थन सरपंच पति को दे दिया है जिससे आने वाले समय में जो पंचों के द्वारा रणनीति बनाई जा रही थी अविश्वास प्रस्ताव का वहां कहीं ना कहीं लोटस के माध्यम से रुका हुआ नजर आ रहा है जिस तरह से पंचों ने अपना पाला बदला है इससे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में अब कभी पंचों की एकता नहीं बन पाएगी बहुत सारे पंचों ने तो मौके का फायदा उठाया कुछ पंचों ने  रूपरेखा बनाई भ्रष्टाचार की आवाज उठाई वहीं पंच जाकर के आज सरपंच पति के साथ मिल गए और दूसरे पंचों को भी अपने पाली में लाने के लिए घूम रहे हैं वार्ड नंबर 17 के पांच हरिराम गराडे ने एक योजना रचकर के सारे पंचों को उपसरपंच को एक किया भ्रष्टाचार उजागर करने अपने अधिकारों को पाने के लिएऔर अब हरिराम गराडे जाकर के वहां सरपंच पति और सरपंच की इस तरह से तारीफ कर रहा है वार्ड नंबर 6 के पंच के सामने समझौता करने की बात कर रहा है मानो जैसा पंचायत में कभी भ्रष्टाचार हुआ ही नहीं वार्ड नंबर 7 के पंच रमेश सहारे का कहना है कि सीनियर लोग ही सिलेंडर हो गए तो उसमें हम क्या कर सकते हैं इसी तरह मकसूद खान का कहना है कि  आवेदन में साइन ही नहीं किया जहां बहुमत होगा वहां मैं खड़ा हूं बहुमत तो जब बनेगा पूरे पंच एक साथ होंगे आखिर ऐसी क्या वजह है कि जो पंच कल तक अपने अधिकारों का हनन होने का हवाला देते हुए सरपंच पति की मनमानी की बात करते थे अचानक दो दिन में ऐसा क्या हुआ कि आधे से ज्यादा पंच सरपंच पति को समर्थन करने के लिए तैयार हो गए जनता के साथ विश्वास घात किया ऐसा आखिर क्यों क्या जनता जनार्दन ने इनको इसलिए अपना प्रतिनिधि बनाकर के पंचायत में भेजी थी बस शिकायत करो और अपना उल्लू सीधा करो क्या ऐसे पंच आने वाले भविष्य में फिर से जीतने योग्य है या नहीं यहां तो जानता ही तय करेगी क्योंकि भरवेली में जब से शिकायत हुई भरवेली की राजनीति में एक गर्माहट आ गई थी जनता में तरह-तरह की चर्चाएं चलने लगी थी जिस तरह से चर्चाएं चल रही है लाखों रुपए का गवन पंचायत में किया गया है माईल से लाखों रुपए पंचायत में लेकर आया गया है लाखों रुपए का मकान टैक्स जमा हुआ है बिना जीएसटी के बिल और अन्य प्रकार के भ्रष्टाचार पंचायत में हुए हैं कहीं ना कहीं जनता को एक उम्मीद जगी थी कि अब अगर निष्पक्ष जांच की जाती है तो लाखों रुपए का गबन सामने नजर आएगा ऐसी बहुत सारी चर्चाएं भरवेली पंचायत के नागरिकों के बीच में हमेशा चलाते रहती है जिस तरह से पंचों ने उप सरपंच ने बिल वाउचर की जानकारी सार्वजनिक करने की बात की थी अब कहीं ना कहीं वहां जानकारियां जनता तक नहीं पहुंच पाएगी आखिर इसमें दोषी है कौन सवाल बना हुआ है,,,,,,


,,,,, अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए।,,,,


जिस तरह से पंचों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए आवेदन किया और बाद में पलटी मार गए ऐसे पंचों के ऊपर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए अभी शिकायत की जांच ही पूरी नहीं हुई और पंचों ने अपना पाला ही बदल दिया और सरपंच के साथ छलावा किया शासन को गुमराह किया अगर सरपंच ने भ्रष्टाचार करी है सरपंच पति का दखल है जो शिकायत पंचों के द्वारा की गई अगर वहां शिकायत झूठी है तो ऐसे पंचों के ऊपर कठोर से कठोर कार्रवाई करना चाहिए किस तरह से एक महिला सरपंच को बदनाम करके झूठा आरोप उनके द्वारा लगाया जा रहा है अगर सरपंच पति ने मनमानी नहीं किया था सरपंच ने भ्रष्टाचार नहीं करी थी तो फिर झूठी शिकायत करने से इस्तीफा देने का नाटक करने की क्या जरूरत पड़ गई ऐसा लग रहा है कि सरपंच से ज्यादा भ्रष्ट तो  यहां पंच नजर आ रहे हैं इनके ऊपर कठोर कार्रवाई करना चाहिए शासन प्रशासन को ताकि आने वाले समय में किसी भी सरपंच के ऊपर आरोप लगाने से पहले पूरी तरह संतुष्ट हो सरपंच ने भ्रष्टाचार करी है या नहीं करी है अगर करी है तो सच जनता के सामने लाना चाहिए अगर भ्रष्टाचार नहीं करी है तो किसी भी झूठे प्रकार से फसाने का प्रयास नहीं करना चाहिए ऐसे पंचों की वजह से कहीं ना कहीं शासन प्रशासन भी कार्रवाई करने में असमर्थ नजर आता है और शासन प्रशासन के ऊपर से हमेशा शिकायत करता दोष लगता है कि हमारी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है माननीय कलेक्टर महोदय जी को तो उनके दिए गए आवेदन पर कार्रवाई करते हुए पूरे पंचों का इस्तीफा मंजूर कर लेना चाहिए अगर इस तरह के निर्णय शासन प्रशासन लेता है तो आने वाले समय में ऐसे भ्रष्ट झूठी शिकायत करने वाले फिर कभी किसी की शिकायत नहीं कर पाएंगे परंतु सवाल बना हुआ है कि क्या अधिकारी इसको गंभीरता से लेते हुए आवेदन पर निष्पक्ष जांच करवाएगे या फिर सिलसिला यूं ही चलता रहेगा ऐसे बहुत सारे सवाल बने हुए हैं ,,,,,,,,,


,,,,,,,  सरपंच की और भी शिकायत है। ,,,,,,,


यहां तो शिकायत पंचों ने की परंतु ग्रामीणों ने भी सरपंच के ऊपर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है जिसमें प्रमुख रूप से श्री राम गराडे जो पूर्व पंच रह चुके हैं भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ते हुए पूर्व सरपंच किरण मर्सकोले को 40 की धारा से हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है उन्होंने भी पंचायत पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है कोर्ट में जाने के लिए तैयार बैठे हैं वहीं पर शाहिद खान के द्वारा भी आरोप लगाया गया है कि किस तरह से पंचायत निर्माण में भ्रष्टाचार किया गया है जिनका प्रकरण न्यायालय में चल रहा है वही आनंद मेश्राम ने भी सरपंच एवं सरपंच पति के ऊपर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है इनके द्वारा समक्ष अधिकारियों को आवेदन के माध्यम से शिकायत की है यहां तो मुद्दा गांव की जनता का है ,,,,पंचायत के पंचों  के बारे में कहा सरपंच जिस तरह से समाचार चैनल के माध्यम से कही थी कि यह हमारा परिवार का मामला है कुछ मतभेद हो गए थे उन्हें बैठकर के सुलझा लिया जाएगा और सरपंच ने लगभग मामला सुलझा ही लिया है परंतु जो दूसरे लोगों की शिकायत लगी है उसमें शासन  शासन कब कार्रवाई करेगा अगर इन शिकायतकर्ताओं के द्वारा झूठी शिकायत की गई है तो इनके ऊपर भी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए अगर शिकायत में सच्चाई है तो निष्पक्ष जांच करके शासन प्रशासन को उजागर करना चाहिए,,,,,,,,,,,,


खबर के साथ,, सी,एन,आई,न्यूज़ से क्राइम रिपोर्टर

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad