नवरात्रि 2025 (आठवां दिन)
माॅं महागौरी का पूजन कर आशीर्वाद लिया जाता है।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी ।
रायपुर-नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां महागौरी, मां दुर्गा का आठवां स्वरूप है। इन्हें आठवीं शक्ति कहा जाता है। महागौरी हीं शक्ति मानी गई हैं। पुराणों के अनुसार, इनके तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाशमान है।
दुर्गा सप्तशती के अनुसार, शुंभ निशुंभ से पराजित होने के बाद देवताओं ने गंगा नदी के तट पर देवी महागौरी से ही अपनी सुरक्षा की प्रार्थना की थी। मां के इस रूप के पूजन से शारीरिक क्षमता का विकास होने के साथ मानसिक शांति भी बढ़ती है। माता के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा, ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी भी कहा जाता है।
इस दिन कन्या पूजन किया जाता है। इस दिन नौ कन्याओं और एक बालक को पूजा जाता है। इन्हें घर बुलाकर खाना खिलाया जाता है। कन्याओं और बालक अपनी सामर्थ्यनुसार भेंट देनी चाहिए। फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें और उन्हें विदा कर दें।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां पार्वती ने शंकर जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए अपने पूर्व जन्म में कठोर तपस्या की थी तथा शिव जी को पति स्वरूप प्राप्त किया था। शिव जी को पति रूप में प्राप्त करने के लिए मां ने जब कठोर तपस्या की थी तब मां गौरी का शरीर धूल मिट्टी से ढंककर मलिन यानि काला हो गया था। इसके बाद शंकर जी ने गंगाजल से मां का शरीर धोया था। तब गौरी जी का शरीर गौर व दैदीप्यमान हो गया। तब ये देवी महागौरी के नाम से विख्यात हुईं।



















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