सुकमा जिले के सचिवों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का 21वाँ दिन ,सोमवार को रैली निकालकर सुकमा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव को सौफ़ा ज्ञापन
सुकमा जिला मुख्यालय मे अपने एकसूत्रीय मांग को लेकर आरपार के मूड में पंचायत सचिव सुकमा जिला मुख्यालय आडोटेरियाम के पास में 21 वाँ दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं.सरकारों के द्वारा हमेशा ठगे जाने से नाराज जमीनी कर्मी अब किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं. कोल्हू के बैल की तरह योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने वाले इन कर्मियों की सुध अब तक नहीं ली गई. कई कर्मी तो सेवानिवृत भी हो रहें हैं. जिलाध्यक्ष सचिव संघ श्रीमति अंजली चौहान वाँ पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीस कश्यप ने कहा कि हमारे साथ ऐसा व्यवहार अब स्वीकार नहीं होगा. दवाब के साथ तलवार की नोक में हम काम करते हैं ज़ब कभी भी कोई जांच होती हैं तो सारा ठीकरा हमपर ही फूटता हैं लेकिन अबकि बार सरकार से साफ और सीधी बात होगी अन्यथा हड़ताल जारी रहेगा. सुकमा ब्लॉक अध्यक्ष छोटू बारसे ने भी कहा है कि अब सरकार का झुनझुना बिल्कुल नहीं चलेगा स्पष्ट और सीधा एकसूत्रीय मांग को स्वीकार करना होगा.बहरहाल, सचिवों के इस हड़ताल का बड़ा असर ग्रामीण इलाकों में चल रहे सरकारी योजनाओं पर पड़ रही है और ग्रामीणों को भी परेशानी हो रही है सरकार को चाहिए कि इन मैदानी कर्मियों के लिए राहत वाली सूचना जारी करें ताकि ये काम पर वापस जाकर योजनाओं का क्रियान्वयन करें. छत्तसगढ़ प्रदेश के समस्त सचिवों का एक ही मांग है शासकीयकरण किया जाये नही तो अनिश्चित कालीन हरताड़ल जारी रहेगा,साथ ही 20 अप्रैल तक मांगे पूरी नही होता है तो 21 अप्रैल को दिल्ली जंतर मंतर में धरना प्रदर्शन करेंगे


















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