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Wednesday, July 23, 2025

सड़को पर निराश्रित मवेशियों के आवाजाही पर नियंत्रण आवश्यक - सीएम साय

 सड़को पर निराश्रित मवेशियों के आवाजाही पर नियंत्रण आवश्यक - सीएम साय



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की एक प्रमुख वजह निराश्रित मवेशी हैं , जिन्हें नियंत्रित करने के लिये सभी संबंधित विभागों को त्वरित , ठोस और समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ना होगा। सीएम साय ने पशुधन विकास , नगरीय प्रशासन एवं विकास , पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी साझा करने के निर्देश दिये। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में गंभीर है और इसके समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित गौशालाओं , गौठानों , कांजी हाउस एवं काउ-कैचर जैसी व्यवस्थाओं की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने इन संस्थानों की वर्तमान उपयोगिता , क्षमता और सुधार की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की और सुझाव माँगे। सीएम साय ने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित गांवों में पशुओं के प्रबंधन हेतु प्रभावी एवं व्यावहारिक मॉडल विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हाईवे पर पशुओं की उपस्थिति केवल यातायात में बाधा नहीं बल्कि जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती है , अतः इस दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई आवश्यक है। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों और उनमें निराश्रित पशुओं की भूमिका की समीक्षा की गई। साथ ही गोधन विकास से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री ने निराश्रित एवं लावारिस गौवंश की देखभाल , चारे की उपलब्धता और उनके पुनर्वास के लिये सुनियोजित रणनीति अपनाने की बात कही। नगरीय क्षेत्रों में सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की रोकथाम के लिये काउ-कैचर की कार्यप्रणाली और उसके विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेश भर की गौठानों , गौशालाओं एवं पशुधन विकास योजनाओं की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल , मुख्य सचिव अमिताभ जैन , मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह , पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह , मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत , नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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