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Saturday, August 30, 2025

दूध मोगरा गंडई के गौरवशाली 49 वर्ष पूरे छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव "रंग परब" में कलाकारों ने लूटी वाहवाही "अक्कल बड़े के भइंस" लोकनाट्य की प्रस्तुति पर गूंजे ठहाके

 दूध मोगरा गंडई के गौरवशाली 49 वर्ष पूरे 



छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव "रंग परब" में कलाकारों ने लूटी वाहवाही


 "अक्कल बड़े के भइंस" लोकनाट्य की प्रस्तुति पर गूंजे ठहाके 




गंडई पंडरिया छत्तीसगढ़ - छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग द्वारा 15 अगस्त 2025 से मार्च 2026 तक होने वाले आयोजन छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के प्रारंभिक चरण में 29 से 31अगस्त को मुक्ताकाशी मंच रायपुर में आयोजित "रंग परब" उत्सव में "दूध मोंगरा गंडई" के लोक कलाकारों ने अपनी नाट्य प्रस्तुति "अक्कल बड़े के भइंस"  देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। मुख्य अतिथि थे शशांक शर्मा अध्यक्ष साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़, अध्यक्षता की उमेश मिश्रा उपसंचालक संस्कृति विभाग ने।यह सुखद संयोग है कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं और दूध मोगरा गंडई ने अपनी स्थापना के 49 वर्ष पूर्ण किए हैं। रंग परब में प्रस्तुत लोकनाट्य अक्कल बड़े के भइंस छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति और देवारी पर्व पर केंद्रित पारिवारिक नाटक है। अक्कल बड़े के भैंस की अब तक लगभग 1200 से अधिक प्रदर्शन छत्तीसगढ़ व देश के विभिन्न राज्यों में हो चुके हैं। मध्य प्रदेश आदिवासी लोक कला परिषद भोपाल , दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर राजस्थान, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली , इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ , छत्तीसगढ़ शासन संस्कृति विभाग रायपुर तथा अन्य आयोजकों की ओर से इस लोकनाट्य का प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के विभिन्न नगरों , कस्बों व गांवों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक,गुजरात, उड़ीसा, झारखंड, उत्तर प्रदेश व राजधानी दिल्ली में अनेकों प्रदर्शन हुए हैं। दूधमोंगरा गंडई को लोक कला के प्रदर्शन के लिए अनेक राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं । दूधमोंगरा गंडई में पहली पीढ़ी से लेकर तीसरी - चौथी के लोक कलाकार अपनी कला का जौहर दिखाकर छत्तीसगढ़ की लोककला  और लोकसंस्कृति का परचम देश भर में लहरा रहे हैं। लोक गायक गौतम जैन, द्वारिका यादव जीवनलाल गंधर्व, हीरालाल साहू, दूधनाथ साहू, मुकुंद दास मानिकपुरी, जैसे वरिष्ठ लोक कलाकारों के साथ सरस्वती निषाद, सुखियारिन मानिकपुरी, पीसीलाल यादव, मनीराम विश्वकर्मा,शिवकुमार पटेल, झुम्मन दास मानिकपुरी, सियाराम साहू,उत्तम दास मानिकपुरी, तामेश्वर गंधर्व, टेक लाल यादव,ढाल सिंह साहू, पुलेंद्र कुमार जंघेल, धर्मेंद्र जंघेल, सरोज निर्मलकर, हिना साहू, उर्वशी पटेल,खेलन राम पटेल, राम पटेल, पूजा रामटेके,परमानंद निषाद, चंद्र कुमार निषाद, ढाल सिंह साहू, मुकेश साहू, सावित्री जोशी, मधु, दा मन दास मानिकपुरी जैसे तीसरी - चौथी पीढ़ी के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह गौरव का विषय है कि आगामी 15 अगस्त 2026 में दूधमोंगरा गंडई द्वारा अपना रजत जयंती वर्ष धूमधाम से मनाया जायेगा। जिसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। इस अवसर पर दूधमोंगरा परिवार द्वारा एक वृहद स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा। यह जानकारी द्वारिका राम यादव ने दी।

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