महासमुंद।
भ्रष्टाचार के आगोश में है शिक्षा का विकास
शिक्षण शुल्क क्रीड़ा शुल्क के नाम पर लाखों रूपये की उगाही, कौन दे रहा इस उगाही को संरक्षण
भ्रष्टाचार के गंगोत्री में हो रहे शिक्षा विभाग के शर्मसार दामन
महासमुंद बसना- शिक्षा के प्रचार-प्रसार एवं अनिवार्य शिक्षा पर नित नये सोपान की सोच पर शासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन पर करोड़ों रूपये खर्च किया जा रहा है लेकिन शायद माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों व हाईस्कूल,हायर सेकेण्डरी स्कूल में पदस्थ शिक्षकों द्वारा छात्र छात्राओं से किस तरह हजारों,लाखों रूपये की उगाही की जा रही है। उनके द्वारा की जा रही उगाही को क्या जिला शिक्षा अधिकारी का संरक्षण प्राप्त है ? या सांप जैसे कुण्डली मारकर बैठा हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा आज पर्यंत तक स्कूलों में इस तरह से जानकारी उन्हें न हो यह कहना समझ से परे है।
अपुष्ट सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार पी एम श्री हायर सेकंडरी व हाईस्कूल बसना के छात्र छात्राओं से शिक्षण शुल्क,क्रीड़ा शुल्क के नाम पर प्रत्येक छात्र छात्राओं से 445 रूपये की राशि वसूली की गई है। जबकि पी एम श्री के नाम पर चल रहे स्कूलों में नि: शुल्क शिक्षा का प्रावधान है। शासन के द्वारा शिक्षा के नाम पर प्रत्येक योजनान्तर्गत स्कूलों को पर्याप्त राशि प्रदान की जा रही है। परंतु शासन के इन नुमाइंदों के द्वारा उपरोक्त राशियों के दोहन करने के बाद भी नित नये नये तरीके से उगाही कर शासन की छबि को धूमिल करने कोई कसर बाकी नहीं रख रहे हैं।आखिर शिक्षा विभाग में जमी यह भ्रष्टाचार की जड़ें कब खत्म होगी।
उल्लेखनीय है कि आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसना में अध्यनरत छात्र छात्राओं का पी एम श्री स्कूल के नाम पर प्रवेश दिलाया गया है।छ ग शासन शिक्षा विभाग के नियमानुसार नि: शुल्क शिक्षा देने का प्रावधान है। हायर सेकेण्डरी स्कूल बसना के प्राचार्य सुरेश पटेल के द्वारा स्वीकार किया गया है कि पिछले वर्ष भी शुल्क लिया गया है और अभी वर्तमान में लिया जा रहा है। मीडिया से चर्चा उपरांत शुल्क वापस किये जाने की बात प्राचार्य ने कहा है।
गौरतलब है कि आज पर्यंत तक स्कूलों में इस तरह की जा रही अवैध उगाही से यह प्रतीत होता है कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी मजबूत है। क्या माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी एवं शिक्षा विभाग के आला उच्च अधिकारी, हो रहे इस उगाही को भंडाफोड़ कर पायेंगे या फिर भ्रष्टाचार की इस गंगोत्री से अपना शर्मशार धोते नजर आयेंगे।
मेरी जानकारी में नहीं है अगर प्राचार्य के द्वारा शिक्षण शुल्क के नाम पर छात्र छात्राओं से राशि वसूली की जा रही है यह ग़लत है। मैं पता करवाता हूं।
विनोद शुक्ला
विकास खंड शिक्षा अधिकारी
बसना
मैं अभी कमिश्नर कार्यालय में हूं। बाद में बात करता हूं।
विजय लहरे
जिला शिक्षा अधिकारी
महासमुंद


















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