जल-जंगल-यात्रा: प्रकृति से जुड़ाव की नई पहल।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
छ.ग.प्रदेश -बच्चों को प्रकृति से जोड़ने, पर्यावरणीय जिम्मेदारी का बोध कराने और वन विभाग की योजनाओं से परिचय कराने के उद्देश्य से बलौदाबाजार वनमण्डल के अर्जुनी वन परिक्षेत्र में जल-जंगल-यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल सोनाखान के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वनमण्डलाधिकारी ने कहा कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार आयोजित ’जल-जंगल-यात्रा’ केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ने और उसे समझने की एक जागरूक प्रक्रिया है। यह पहल विद्यार्थियों में संरक्षण की भावना को मजबूत करती है और उन्हें भविष्य के पर्यावरण प्रहरी बनने के लिए प्रेरित करती है। आने वाली नई पीढ़ी को प्रकृति के साथ जोड़ने के लिए नवाचार और सहभागिता बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वन विभाग की यह अभिनव पहल ’जल-जंगल-यात्रा’ पर्यावरण शिक्षा को रोचक तरीके से प्रस्तुत करती है, जिससे बच्चों में ज्ञान के साथ-साथ प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव भी पैदा हो रहा है। यह पहल भविष्य में और भी विद्यालयों तक विस्तृत होकर एक स्थायी जागरूकता अभियान का रूप ले सकती है।
इस जागरूकता यात्रा में विद्यार्थियों को वनों के महत्व, लघु वनोपज, औषधीय पौधों की उपयोगिता तथा जल संरक्षण की व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से नालों के जल को स्टॉप डेम के माध्यम से एकत्र कर सिंचाई में उपयोग करने की विधियों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे विद्यार्थियों को जल प्रबंधन के महत्व को समझने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षु वन अधिकारियों और अनुभवी वन कर्मियों ने विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों के संरक्षण ,पर्यावरणीय संतुलन और वनविभाग में कैरियर के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में वनपरिक्षेत्र अधिकारी रूपेन्द्र साहू द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया ।इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य के.आर.पटेल ,शिक्षक गण एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्य सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे ।



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.