सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत रखा ।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
करवा चौथ व्रत -2025,प्रतिवर्ष कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिनों द्वारा करवा चौथ का व्रत रखने की पुरानी परंपरा रही है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष यह व्रत दस अक्टूबर शुक्रवार को मनाया गया। इस दिन सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की सलामती और दीर्घायु होने की कामना के साथ दिनभर निर्जला उपवास रख माता पार्वती सहित पूरे शिव परिवार की आराधना करी ।
इस व्रत में चंद्रमा का विशेष महत्व होता है। चंद्रोदय के पश्चात ही रात्रि के समय चंद्र दर्शन कर व्रत तोड़ा । व्रती महिलाओं ने पहले चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर पूजन किया ।
इस दिन भगवान शिव, भगवान गणेश और कार्तिकेय की भी पूजा होती है, प्रधानता चन्द्रमा की होती है। चंद्रमा को पुरुष रूपी ब्रह्मा का स्वरूप माना जाता है।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पहली बार माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए यह व्रत रखा था।माता सीता ने भी भगवान श्रीराम के लिए करवा चौथ का व्रत रखा था। तब से सुहागिनें अखण्ड सौभाग्य हेतु इस व्रत का पालन करती हैं।
सुहागिन महिलाओं ने चंद्र दर्शन कर भगवान के मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लिया ।




















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