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Monday, January 19, 2026

मेवाड़ के महान हिंदू सम्राट वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का बलिदान दिवस (पुण्यतिथि) हर साल 19 जनवरी को मनाया जाता है।

 मेवाड़ के महान हिंदू सम्राट वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का बलिदान दिवस (पुण्यतिथि) हर साल 19 जनवरी को मनाया जाता है। 



   सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।           महाप्रतापी महाराणा प्रताप जी की 19 जनवरी 2026 को,  429वीं पुण्यतिथि है। पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है। 

महाराणा प्रताप बलिदान दिवस  महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को हुआ था और वे मेवाड़ के 13वें राजा थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मुगल साम्राज्य (विशेषकर अकबर) के खिलाफ संघर्ष करते हुए और अपनी मातृभूमि की सुरक्षा जीवन बिता दिया । 




महाराणा प्रताप बेहद बलशाली और युद्ध -कौशल में निपुण थे,उनके रणभूमि में आते हि दुश्मनों में भय का माहौल बन जाता था,युद्ध में वे अपने चहेते घोड़े चेतक पर सवार होकर जाते थे।   

निधन का कारण: 1597 में चावंड (मेवाड़ की तत्कालीन राजधानी) में शिकार के दौरान धनुष की डोरी खींचते समय उन्हें गहरी चोट लगी थी। इसी दुर्घटना के कारण 19 जनवरी 1597 को 56 वर्ष की आयु में इस महान योद्धा का स्वर्गवास हो गया।

शौर्य का प्रतीक: उन्हें उनके अदम्य साहस, वीरता और स्वाभिमान के लिए याद किया जाता है। हल्दीघाटी का युद्ध (1576) उनके जीवन की सबसे प्रसिद्ध लड़ाई थी, जहाँ उन्होंने विशाल मुगल सेना का डटकर मुकाबला किया।

महत्व: यह दिन उनके त्याग और बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने महलों के सुख त्यागकर घास की रोटियाँ खाना स्वीकार किया, लेकिन कभी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की।

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