23 जनवरी को दामाखेड़ा में होगा ऐतिहासिक चादर तिलक समारोह
कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में इस वर्ष आयोजित होने वाला संत समागम माघ मेला ऐतिहासिक और विशेष महत्व का रहेगा। 23 जनवरी, बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 16वें नवोदित वंशाचार्य पंथ उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक समारोह भव्य एवं पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न होगा। इस पावन अवसर पर पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब द्वारा उन्हें विधिवत चादर तिलक कर गुरु गद्दी प्रदान की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बसंत पंचमी पर्व पर ही नवोदित वंशाचार्य का प्रकट उत्सव भी मनाया जाता है। इसी शुभ अवसर पर कबीर पंथियों द्वारा गुलाल अर्पित कर संत समागम माघ मेले का विधिवत शुभारंभ किया जाता है। यह परंपरा वर्षों से कबीर पंथ में आस्था और श्रद्धा का प्रतीक रही है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु बड़ी संख्या में सम्मिलित होते हैं।
इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी लाखों की संख्या में कबीर पंथियों के दामाखेड़ा पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा को विद्युत सज्जा से दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में आकर्षक रोशनी, भव्य स्वागत द्वार, विशाल डोम एवं टेंट पंडाल लगाए जा रहे हैं, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में परिवर्तित हो गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन एवं आयोजन समिति द्वारा व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पेयजल की समुचित व्यवस्था हेतु जगह-जगह नल एवं पानी के टैंकर लगाए जा रहे हैं। इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना को देखते हुए भंडारा व्यवस्था सभा स्थल के समीप की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही गांव एवं आसपास की प्रमुख सड़कों की मरम्मत और साफ-सफाई का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, वहीं भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
जनपद सदस्य सुरेश साहू ने बताया कि संत समागम माघ मेले को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रतिदिन देश-विदेश तथा प्रदेश के कोने-कोने से कबीर पंथियों का दामाखेड़ा आगमन लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि आयोजन को सफल एवं व्यवस्थित बनाने के लिए ग्रामवासी, कबीर पंथ समाज एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, दामाखेड़ा में आयोजित होने वाला संत समागम माघ मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक बनने जा रहा है, जहां श्रद्धा, परंपरा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
CNI NEWS के लिए ओंकार साहू के साथ हितेश मानिकपुरी की रिपोर्ट



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.