रायपुर वन मंडलाधिकारी द्वारा श्रम सम्मान राशि नही दिये जाने के कारण दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ का बैठक तिल्दा नेवरा में हुआ संपन्न...
रायपुर / छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी संघ का बैठक आयोजन तिल्दा नेवरा में संपन्न किया गया, पूर्ववर्ती शासन ने श्रम विभाग द्वारा निर्धारित श्रमायुक्त दर पर कार्य करने वाले उच्च कुशल, कुशल, अर्धकुशल, अकुशल श्रमिकों को 4,000 रूपया श्रम सम्मान राशि दिया जाना है।
और यह राशि #18 पारितोषिक के रूप में दिया जाना है यह हेड ही अलग है जिसके आधार पर छत्तीसगढ़ के समस्त शासकीय विभागों में श्रमायुक्त दर पर कार्य करने वाले उच्च कुशल,कुशल,अर्धकुशल,अकुशल, श्रमिकों को सम्मान राशि दिया जाना है और प्रतिमाह दिया जाना है।
राजीव स्मृति वन में कार्य करने वाले अकुशल श्रमिकों को अगस्त 2023 से फरवरी 2024 तक श्रम सम्मान राशि 4,000 रूपया भुगतान किया, उसके बाद वन मंडलाधिकारी रायपुर ने अचानक बंद कर दिया है। जबकी श्रम अधिनियम 1948 के तहत स्पष्ट निर्देश है कि बढ़े हुए वेतन को किसी भी परिस्थिति में कम नही किया जा सकता! किन्तु वन मंडलाधिकारी रायपुर ने सारे नियमों को ताक में रखकर श्रम सम्मान राशि से अचानक वंचित कर दिया है, यह वैमनस्ता रखने का परिचायक है!जिन लोगों को भुगतान नही किया जाना चाहिए उन लोगों को श्रम सम्मान राशि भुगतान किया जा रहा है और जिन्हे नियमत: भुगतान किया जाना है उन्हे वंचित रखा गया है। नये नये श्रमिकों भारी मात्रा में कार्य पर रख लिया गया है जिन्हे श्रम सम्मान राशि दे रहे है, और जो 10 साल 15 साल से कार्य करते हुए आ रहे है उन्हे वंचित रखा है।
जितने भी सेवानिवृत अधिकारी है सबके बंगले में दैनिक वेतनभोगी कार्यरत है, एक बंगले में 05 लोग 08 लोगों को कार्य पर रखा गया है, नये नये लोगों को भरकर रखे हुए है और प्रतिमाह वेतन और श्रम सम्मान राशि दे रहा है,और सिनियर लोगों को वंचित रखा हुआ है।
रायपुर वन मंडलाधिकारी दैनिक वेतन भोगियों का हाय ले रहा है, राजीव स्मृति वन, जोरा नर्सरी,गोढ़ी नर्सरी, तिल्दा नेवरा,मोहरेगा नेचर सफारी के दैनिक वेतनभोगियों के हक मारकर श्रम सम्मान राशि के लाभ से कोसो दुर रखा हुआ है।
गेटमनी का हवाला देकर किया जा रहा है वंचित, वन विभाग में विकास मद में सामिल सभी पार्क जूं, जहां गेटमनी पैसा कटता है जो वन मंडलाधिकारी के खाता में पैसा जमा होता है जो विकास कार्यों के लिए उपयोग होता है। आपको बताना चाहेंगे की गेटमनी से 01 ऱूपया आवक हो रहा है महिना में तो जावक 05 से 06 रूपया हो रहा है। जितना आवक नही है उतना जावक हो रहा है तो पैसा कहां से आ रहा है मजदुरों को देने के लिए, कुल मिलाकर विभाग ही पैसा दे रहा है लेकिन अधिकारी अपनी उंगली सीधा करने के लिए गेटमनी का बहाना बाजी करते फिर रहे हैं।
राजीव स्मृति वन, सोंनडोंगरी, जोरा नर्सरी, गोढ़ी नर्सरी, नवा रायपुर के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी एवं श्रमिकों ने श्रम सम्मान राशि भुगतान किये जाने के मांग को लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय का घेराव करने के लिये तैयारी बनाई है। जल्द ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय का घेराव किया जायेगा, वन मंडलाधिकारी से संगठन के पदाधिकारी लोग बार बार मिलते है तो उनके द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक को दोषि ठहराया जाता है कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने 3877 मद वाले को ही श्रम सम्मान राशि देना है करके लेख किया है, इसलिये हम इन लोगों को नही दे पा रहे है कहते हैं।
क्या प्रधान मुख्य वन संरक्षक जानबुझकर येसा काम कर रहे है, या वन मंडलाधिकारी अपने किये को प्रधान मुख्य वन संरक्षक के मत्थें पर थोप रहे हैं।
जबकी वित्त/बजट के प्रधान मुख्य वन संरक्षक पाण्डेय साहब ने जितने भी सिनियर है सबको श्रम सम्मान राशि देने के लिए मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त रायपुर निर्देशित किये है उसके बाद भी अभी तक कार्यवाही नगन्य है।
राजीव स्मृति वन,जोरा नर्सरी, गोढ़ी नर्सरी, सोनडोंगरी, नवा रायपुर के दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को अगर 4000 रूपया श्रम सम्मान राशि भुगतान नही किया जाता है तो जल्द होगा प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय का घेराव!


















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