पखांजूर/ कांकेर से CNI NEWS शंकर सरकार की रिपोर्ट । मो-6268535584
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पुरानी पेंशन प्रदान करने सहित अन्य मांग
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपा ज्ञापन
मुख्यमंत्री साय ने मांगो का परीक्षण कराते हुए शीघ्र निर्णय लेने का दिया आश्वासन
पखांजूर- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पखांजूर प्रवास के दौरान शहीद गेंद सिंह भवन के समक्ष छत्तीसगढ़ शासन द्वारा एल.बी.संवर्ग के शिक्षकों को प्राचार्य,व्याख्याता,
शिक्षक,प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला के पदों पर पदोन्नति प्रदान करने हेतु आभार व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पेंशन लाभ प्रदान करने,10वर्ष की न्यूनतम सेवा में पेंशन के प्रावधान नियम में रिलेक्सेशन प्रदान कर 5 वर्षो की सेवा पर क्रमोन्नत वेतनमान प्रदान करने, सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने,व्याख्याता पदोन्नति हेतु डी.एड. प्रशिक्षित शिक्षकों को बी.एड.ब्रिज कोर्स कराते हुए पदोन्नति प्रदान करने,सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टेट परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु आवश्यक पहल करने,अतिशेष प्रकरण में निलंबित शिक्षकों को बहाल कर विकासखण्ड के रिक्त पदों पर पदस्थ करने,प्रधान अध्यापक प्राथमिक शाला के पदांकन निरस्त 94 प्रधान अध्यापक का पदांकन यथावत रखने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक वाजिद खान,प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी, जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला, जिला सचिव संतोष जायसवाल,जिला महासचिव प्रकाश चौधरी,विकासखण्ड अध्यक्ष भोला प्रसाद ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार के आदेश सं. 38/37/08-पी.एंड पी डब्ल्यू (ए) कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय (पेंशन एवं पेंशन भोगी कल्याण विभाग नई दिल्ली ) के पेंशन नियम के बिंदू 5 (2) में प्रावधान किया गया है कि पूरी पेंशन के लिए 33 वर्षों की पात्र सेवा के संबंधों को समाप्त कर दिया जाएगा एक बार सरकारी सेवक द्वारा 20 वर्षों की निर्धारित सेवा पूरी कर लेने के बाद पेंशन परिलब्धियों या पिछले 10 महीने के दौरान प्राप्त उपलब्धियों के औसत जो भी अधिक हो कि 50% पेंशन दी जाएगी।उत्तरप्रदेश सरकार के आदेश संख्या 1754/79-5-09–02/2009 लखनऊ दिनांक 16 सितंबर 2009 के “पेंशन नियम 4( 2) में प्रावधान है कि वर्तमान में पूर्ण पेंशन प्राप्त करने के लिए अधिकतम 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा प्रदान करना अनिवार्य है, परंतु उक्त व्यवस्था संशोधित करते हुए तत्काल प्रभाव से या व्यवस्था की जाती है कि पूर्ण पेंशन प्राप्त करने के लिए 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा करना अनिवार्य है जो कर्मी 20 वर्ष की हर कार्य सेवा पूर्ण कर के सेवानिवृत्त होते हैं उन्हें अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत अथवा अंतिम 10 माह में आहरित वेतन के औसत जो भी अधिक लाभप्रद हो, के आधार पर पेंशन अनुमन्य ( permissible ) होगी”।
उत्तराखंड सरकार के आदेश संख्या 723 / xxvii( 7)/2010 देहरादून 29 अक्टूबर 2010 के स्पस्टीकरण आदेश के बिंदु क्रमांक 6 में प्रावधन किया गया है कि 1 – 1 – 2006 के बाद सेवानिवृत्त कार्मिकों को “20 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर पूर्ण पेंशन एवं अंतिम माह में आरिफ औसत वेतन का 50% का लाभ अनुमन्य ( permissible ) किया गया है”।
प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा होने के कारण छत्तीसगढ़ के अधिसंख्य कर्मचारी 50 प्रतिशत पेंशन निर्धारण के लाभ से वंचित हो रहे है।
छत्तीसगढ़ में अब तक कभी भी किसी कर्मचारी संगठनों ने 33 वर्ष अर्हकारी सेवा को कम करने का मांग ही नही किया, जिसके कारण अनेकों कर्मचारी 50 प्रतिशत पेंशन से अब तक वंचित होते रहे है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने मांग किया है कि केंद्र सरकार,उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तराखंड सरकार की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा होने पर 50 % पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे, इससे प्रदेश के अधिसंख्य कर्मचारियो को पूर्ण पेंशन की पात्रता होगी।
*क्रमोन्नति हेतु वन टाइम रिलेक्सेशन की मांग*
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि पदोन्नति हेतु न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा थी जिसे एसोसिएशन की थीम पर एक बार के लिए रिलेक्सेशन देते हुए 3 वर्ष करते हुए पदोन्नति दिया गया, अब पदोन्नति से वंचित शिक्षक संवर्ग को क्रमोन्नति हेतु वन टाइम रिलेक्सेशन की मांग की है,सहायक शिक्षकों के शिक्षक एवं प्रधान पाठक प्राथमिक शाला में पदोन्नति होने के बाद पदोन्नति से वंचित करीब 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति नहीं मिलने से ठगा सा महसूस कर रहे है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की मांग है कि क्रमोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा को एक बार के लिए शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ देने का आदेश जारी किया जावे एवं तदनुसार वेतनमान का निर्धारण किया जावे।ज्ञापन सौंपने के दौरान एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक,हेमेंद्र साहसी प्रदेश महासचिव,स्वदेश शुक्ला जिलाध्यक्ष कांकेर,संतोष जायसवाल जिला सचिव कांकेर, प्रकाश चौधरी जिला महामंत्री, कृष्णेन्दु आइच मीडिया प्रभारी कांकेर ,वैभव मेश्राम विधिक सलाहकार,नितेश उपाध्याय जिला संगठन मंत्री,ज्ञानेश बंधु आर्य जिला संगठन सचिव,भोला प्रसाद ठाकुर ब्लॉक अध्यक्ष कोयलीबेड़ा,परिमल राय ब्लॉक संगठन सचिव,राम भुवन वर्मा कोषाध्यक्ष,परमानंद मंडावी संगठन मंत्री,तारक दास संगठन सचिव,कमल पदमाकर,श्रीमती भुवनेश्वरी वैध एवं तारक दास उपस्थित थे।



















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