Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, January 15, 2026

वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ हसदेव गंगा महाआरती चांपा सेवा संस्थान का यह चौदहवां वर्ष

 वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ हसदेव गंगा महाआरती



चांपा सेवा संस्थान का यह चौदहवां वर्ष 


अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


चाम्पा - ​मकर संक्रान्ति की पूर्व संध्या पर महान तपस्वी एवं साधक तपसी महाराज की पुण्य तपोभूमि डोंगाघाट हनुमान मंदिर परिसर में चांपा सेवा संस्थान द्वारा चौदहवां हसदेव गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। हसदेव नदी के तट पर भक्तिमय वातावरण में और असंख्य दीपों की सुसज्जित आभा ने श्रद्धालु भक्तों के मन को असीम शांति प्रदान किया। इस दौरान मानों तो मैं गंगा मां हूं , ना मानों तो बहता पानी जैसे अनेक गीतों की श्रृंखलाबद्ध लय और मधुर ध्वनि सुनकर डोगाघाट हसदेव नदी तट पर लोगों का दिल भर आया। हसदेव नदी के तट पर भक्तिमय वातावरण और दीपों की सुसज्जित आभा ने श्रद्धालु भक्तों के मन को असीम शांति प्रदान किया। चांपा सेवा संस्थान के द्वारा जैसे ही वैदिक मंत्रोच्चार से महाआरती शुरू हुई बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त अपने दोनों हाथ जोड़कर भक्तिभाव से खड़े होकर ध्यान मग्न दिखाई पड़े। हसदेव महाआरती के बाद मंदिर के तट पर श्रद्धालुओं को तिल-लड्डू , रेवड़ी और पेड़ा का प्रसाद वितरण किया गया। साहित्यकार शशिभूषण सोनी ने बताया कि मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार माना जाता है , जो कि सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता हैं। यह पर्व हमें प्रकृति की सुंदरता और महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है और इस दिन हम अपने प्रियजनों के साथ मिलकर अपने संबंध को प्रगाढ़ बनाते हैं। इस अद्वितीय , अलौकिक और अविस्मरणीय अवसर पर चांपा सेवा संस्थान के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुये।


तपसी आश्रम डोगा घाट की प्रसिद्धि


नगर के हदय पर स्थित तपस्वीजी महाराज की तपोभूमि जिसे तपसी आश्रम डोंगाघाट के नाम से जाना जाता है। यह हसदेव सरिता के सुंदर तट पर स्थित पवित्र और प्राचीन मंदिर हैं , जिसमें संगमरमर से बने रामभक्त हनुमान का अपने दोनों कंधों पर भगवान श्रीराम , लक्ष्मण को उठाये तथा अपने पैरों से राक्षस को रौंधते हुये दिव्य मूर्ति विराजमान है। इस मंदिर में संलग्न राम , लक्ष्मण और माता सीता की श्रृंगार युक्त प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के अंदर एक छोटी-सी छतरी की छाया में शिवलिंग स्थापित है , जिसे तपसी महराज की तपस्थली के प्रथम स्थल के रुप में ऐतिहासिक महत्ता है।  तपस्वी महराज के तपोबल में इतनी शक्ति थी कि वे मृत शरीर को भी नवजीवन प्रदान कर देते थे।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad