नैमीषारण्य धाम का वटवृक्ष हजारों वर्षों से आस्था का केंद्र ।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी। सीतापुर -उत्तर प्रदेश के नैमीषारण्य धाम में स्थित 5099 वर्ष प्राचीन विशाल वटवृक्ष आज भी भारतीय सनातन संस्कृति और वैदिक परंपरा का जीवंत प्रतीक है,
मान्यता है कि इसी पावन वटवृक्ष के नीचे महर्षि वेदव्यास जी ने महर्षि जेमिनी को वेद पुराणों का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था। इस वटवृक्ष का न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि एतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व है।
यह स्थल सदियों से साधना, तप और ज्ञान परंपरा का केंद्र रहा है। यहां दर्शन मात्र से श्रृद्धालुओं को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है।
इस पावन स्थान पर देश के कोने कोने से श्रृद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं ।





















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