महासमुंद।
ग्राम आमापाली बसना आयोजित श्रीमदभागवत कथा में कोरबा दीपिका से पधारे कथावाचक श्री योगेश्वरनंद जी महाराज के द्वारा द्वितीय दिवस की कथा में आज व्यास जी का आगमन एवं राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि द्वारा श्राप एवं तक्षक सर्प के डसने से 7 दिन में मृत्यु का श्राप जिस तरह से राजा परीक्षित को मिला उसी तरह हमारा जीवन भी क्षणभंगुर है हमें भी इसी 7 दिन में मृत्यु होनी है कलयुग में केवल सत्य नाम ही आधार है अतः इस जीवन एवं मरण के बीच महिमा गाई जाती है मरन के बीच में सत्य की महिमा को गाई जाती है जिससे मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है साथ ही साथ कथा में महाराज जी बताएं दैहिक, दैविक भौतिक ताप यह तीनों तप ही भागवत कथा सुनने से ही शांत होती है भागवत कथा ही और कृष्ण कथा ही तीनों तपो को कम कर सकती है अतः हमारे जीवन में भी कई परिस्थितियों आती हैं कठिनाई आती हैं लेकिन सत्संग के माध्यम से सारी कठिनाई सारी बढ़ाएं दूर होती है भागवत कथा में जीवन जीने की सहेली से मिलती है जीवन कैसे जिए कैसे रहे कैसे जीवन यापन करें और कैसे भगवत भक्ति में अपने मन को लगे या व्यास के द्वारा तथा में कही गई |कल के कथा मे ध्रुव चरित्र और कपिल देव हुती संवाद की कथा का आयोजन होगाl अधिक से अधिक संख्या में भागवत में कथा आसपास के लोग जुड़ रहे हैं जुट रहे हैं


















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