माघ पूर्णिमा के दिन व्रत रखकर भगवान सत्यनारायण कथा का श्रवण भक्तों ने किया ।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
नेमीषरण - उ.प्र. के पवित्र तीर्थ स्थल श्री नैमीषारण्य में छत्तीसगढ़ की सुश्री प्रज्ञा देवी जी की श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस माघ पूर्णिमा के दिन भगवान के श्रीकमलों में छप्पन भोग प्रसादी का अर्पण किया गया ।,
कथा उपरांत भगवान सत्यनारायण कथा हुई,कथा में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, रायगढ़ से आए हुए भक्तों ने विद्वान पंडित योगेश के द्वारा वाचन की गई कथा का श्रवण किया ।
। इस पवित्र दिन पर प्रात: नैमीषारण्य के चक्रतीर्थ कुंड और गोमती नदी में भक्तों ने स्नान किया । ब्रह्मवैवर्त पुराण में बताया गया है कि माघ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु स्वंय जल में निवास करते हैं
इसलिए पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन सभी भक्तों ने भक्ति ,एवं श्रृद्धानुसार दान किया, ।
पंडित योगेश जी ने बताया कि माघ पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य दिया जाता है, जिससे कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है और व्रत पूर्ण होता है। उन्होंने बताया कि भगवान की कथा श्रवण करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।





















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